गोरखपुर के जिलाधिकारी राजीव रौतेला को हटाया गया

लखनऊ, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्ट, 16 मार्च 2018। गोरखपुर में भाजपा की करारी हार के प्रमुख कारणों में से एक सरकारी मशीनरी में लापरवाही भी मानी जा रही है। जनता की समस्याओं को गंभीरता से न लेना। मतदान के दिन बड़ी संख्या में ईवीएम का ख़राब होना, उसे समय से नहीं बदल पाना और तमाम वोटरों तक वोटर पर्ची नहीं पंहुचा पाना, बड़ी संख्या में वोटरों के नाम मतदाता सूची में न होना जैसी भी कई लापरवाही इसमें शामिल हैं।
जिलाधिकारी राजीव रौतेला पिछले महीने ही प्रोन्नति हो गए थे, लेकिन योगी जी की मेहरवानी उन्हें चुनाव में लाभ पहुंचाने की खातिर नई जगह तैनाती की जगह गोरखपुर में ही रोके रही। अब सरकार की नाराजगी और योगी जी की नजदीकी की वजह से उन्हें देवीपाटन जैसे कम महत्व के मंडल का आयुक्त बनाया गया है।
 राजीव रौतेला पर रामपुर जिले में खनन में हुए घोटाले के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से निलंबन की तलबार लटक रही है। अब आगे देखना होगा, योगी जी की नजदीकी उन्हें इस मामले में बचाने में कितनी मददगार साबित होगी।