गोरखपुर में जौनपुर की टीम संयुक्त उम्मीदवार को जिताने के लिए लगा रही है पूरी ताकत

जौनपुर, एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो चीफ प्रदीप कुमार निषाद कि विशेष रिपोर्ट, 04-03-2018। गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव 2018 में सांप्रदायिक शक्तियों को परास्त करने और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी प्रविण निषाद को जिताने के लिए पार्टी के समर्थन में जौनपुर जिलाध्यक्ष अमरनाथ केवट ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी  ने लोकसभा चुनाव 2014 में देश की जनता के बीच लंबे लंबे लुभावने वादे किए। लेकिन 4 वर्ष के शासन के बाद एक भी वायदा पूरा नहीं कीया। वर्तमान समय में देश में महंगाई, बेरोजगारी,भुखमरी, भ्रष्टाचार, चरम सीमा पर है। किसान कर्ज के बोझ तले आत्महत्या करने के लिए मजबूर हुआ है।
चुनाव के दौरान मोदी द्वारा प्रति वर्ष दो करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देने की बात कही, परन्तु प्रत्येक वर्ष में 5 लाख भी रोजगार नही दे पाए। काला धन निकाल कर हर एक व्यक्ति के खाते में 15 लाख देने की बात कही थी, किसी खाते में 1 पैसे नही आये। महंगाई, भ्रष्टाचार, और अपराध, गुन्डागर्दी समाप्त करने तथा किसानों की दशा व दिशा सुधारने का भी वादा किया था, एक भी वायदा पूरा नहीं किया, बल्कि पकौड़ा रोजगार, नोटबंदी, जीएसटी, लाकर देशवासियों की कमर तोड़ने का काम किया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2017 में गोरखपुर में जनसभा संबोधित करते हुए वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर मछुआ समाज की जातियों को अनुसूचित जाति का आरक्षण देने का भी वायदा किया था। लेकिन आज केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद भी अपने किए हुए वादे से मुकर गए हैं। फिर चुनाव आने पर भाजपा मछुआ समाज को छलने का काम करेगी।
  माननीय अखिलेश यादव ने अपने मुख्यमंत्री काल में 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए प्रस्ताव केंद्र को भेजकर याद दिलाया, फिर भी भूल गए। इसलिए पार्टी का सपा के प्रत्याशी प्रविन निषाद को समर्थन कर भाजपा को हराकर भाजपा की सांप्रदायिक सोच व छलावे वाली राजनिति को समाप्त करना आवश्यक हो गया है। अतः पार्टी के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्तागण गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र की जनता से सपा प्रत्याशी को जिताने की अपील कर रहे है।
जन संपर्क प्रचार में पार्टी के निम्न पदाधिकारी दमखम दिखाने में उपस्थित हैं-राम चरित्तर निषाद, जितेन्दर निषाद, चन्दन निषाद, संदीप निषाद, रामवृक्ष निषाद, अरविन्द निषाद, इन्द्रजीत निषाद तथा अन्य साथी।