गोरखपुर में सरकारी गुंडागर्दी के बल पर पिछड़े और दलित प्रतिनिधियों को डराया जा रहा है

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश के लिए हरगोविंद मल्लाह की रिपोर्ट, 2 मार्च 2018।
भवंरों से लड़ो,
तुन्द लहरों से जूझो। 
आखिर कब तक चलोगे, 
किनारे किनारे
     ये अजीब नजारा है गोरखपुर में हो रहे उप चुनाव का। अंग्रेजी हुकूमत भी शर्मा जाए, योगी सरकार की क्रूरता पर।
 क्या हम लोकतांत्रिक देश में जी रहे हैं?
 क्या इस देश में कोई संविधान है?
कोई मानवाधिकार संगठन इस देश में हैं?
कोई निष्पछ चुनाव कराने वाली, चुनाव प्रणाली के हिस्से है हम?
 गोरखपुर में सिर्फ और सिर्फ सरकारी गुंडागर्दी है।पिछड़े और दलित प्रतिनिधियों को डराया जा रहा है । अगर मेरी ये बात कोई जिम्मेदार अमला पढ़ रहा है, तो मुझसे गोरखपुर में मिल सकता है। लेकिन उस शर्त पर अगर मोदी और योगी की लगाम पकड़ सके।
 मेरे पास सबूत हैं। लेकिन उनकी सुनवाई भारत में नहीं।
मैं कैसे बोलूं, लेकिन बोलूंगा। जय हिंद। भारत माता की जय। हमारा देश आबाद रहे।