गोरखपुर के मतदाताओं सरकारी दबाब से घबराने की जरूरत नहीं है-डॉ. संजय कुमार निषाद

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो रिपोर्ट, 10 मार्च 2018। गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में निषाद पार्टी की बढ़ाती ताक़त के साथ पीस पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल, कम्युनिस्ट पार्टी, एनसीपी के अलावा अन्य छोटे दल व अनेकों सामाजिक संगठनों ने भाजपा की पूंजीवादी, किसान, मजदूर विरोधी और स्वार्थ के लिए हिंदू मुस्लिम के बीच वैमनस्य की दीवार खड़ी करने के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए सभी के कल्याण के लिए मिलकर कार्य करना के लिए कदम बढ़ाए हैं।
लोकतंत्र में व्यक्ति की आवाज को दवाकर विकास नहीं केवल भ्रष्टाचार लिया जा सकता है। जो अभी देखे गए घोटालों से पूरी तरह प्रमाणित हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का बेटा अपनी पूंजी नोट बंदी के बावजूद भी 50000 से 18000 करोड़ कर लेता है। जबकि देश में जबरदस्त बेरोजगारी फैली हुई है। मोदी के कोट को 4 करोड़ में खरीद कर 18000 करोड़ लेकर कोई और नहीं अम्बानी का दामाद ही विदेश भागा है। कोठारी कोई और नहीं अडानी का ही रिस्तेदार है।ऐसे न जाना कितने घोटाले इन चार साल में हुए हैं। एक संगठित भ्रष्टाचार के द्वारा ग़रीबो को और गरीब बनाकर इतना कमजोर किया जा रहा है कि वह अपनी बेटी की शादी भी सामूहिक विवाह में करे। इस लिए जुल्म से डरने से जुल्म करने वाला और मजबूत होता है। लेकिन अगर दबे कुचले लोग एकजुट होकर केवल वोट को जुल्मी सरकार के खिलाफ डालदें तो आपकी जीत होती है। और समस्या का समाधान भी होता है। 
आपने देखा है गोरखपुर में 8 बार एक ही पार्टी का सांसद रहा है और आपकी की समस्याओं का निदान नहीं और जटिल किया गया है। अब आपको 11 मार्च को परिवर्तन के लिए अपने युवा साथी को सायकिल के निशान पर वटन दवाकर भारी मतों से जितना है। 
आपका साथी
डॉ. संजय कुमार निषाद
राष्ट्रीय अध्यक्ष
निषाद पार्टी