बीजेपी बुरी तरह गोरखपुर लोकसभा उप चुनाव हार रही है-महेंद्र

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्ट, 2 मार्च 2018। जिन्होंने वर्षों से भाजपा के खिलाफ राजनीती की हो और खुद स्थापित हुए थे। ऐसे लोगों का बीजेपी के साथ चुनाव के समय दबाव बस जाना आश्चार्य है। बीजेपी बुरी तरह हार के कगार पर घिरी है। निषाद समाज के कुछ लोगो का बीजेपी में दबाव बस सामिल होना निषाद समाज में मनोबज्ञानिक दबाव व् राजनितिक अफवाह फैलाने का कोशिश मात्र है। क्योंकि बीजेपी बुरी तरह गोरखपुर लोकसभा उप चुनाव हार रही है।
 सपा, निषाद, पीस पार्टी समर्थित प्रत्यासी प्रवीण निषाद जिनको एंटी इंनकॉन्वेंसी व सभी वंचित समाज पूरी तरह साथ दे रहे हैं। निषाद वंचित समाज व सपा समर्थित वोट बैंक का अनुपात यह चुनाव जितने में पूरी तरह सक्षम है। 
निषाद समाज के कुछ लोगो को बीजेपी चुनाव के समय सामिल कर यह चुनाव पूर्णतः निषाद व वंचित समाज वनाम बीजेपी कर दिया हैं। बीजेपी वाले निषाद समाज के इतने ही हितैषी थे तो क्यों नही किसी निषादवंशीय या वंचित समाज या पिछड़े समाज के व्यक्ति को प्रत्यासी बनाये?? यह चुनाव 85% वनाम 15% का रूप धारण कर लिया है। आज हर निषादक, वंशीय पिछड़े, वंचितो की आत्मा से यह आवाज आ रही है-
वोट हमारा राज, तुम्हारा 
नहीं चलेगा, नहीं चलेगा !! 
अंग्रेजो की निति फुट डालो राज करो की, निति अपना रही है बीजेपी। बीजेपी की यह चाल निषाद वंशीय व वंचित समाज पूरी तरह समझ चुका है।
जो हमारे मित्र दबाव बस या डर वस बीजेपी में सामिल हुए हैं, उनके साथ हमारी सहानुभूति है।
बीजेपी में मज़बूरी बस व दबाव बस गए मेरे मित्रों से हम निषाद वंशीय यह वादा करते हैं, कि गोरखपुर चुनाव जीतने के बाद, पूरा निषाद वंशीय समाज आपको बीजेपी से मुक्त करायेगा और जिस तरह आप पूर्व में स्वतन्त्र व अपनी विचारधारा की राजनिति करते आये हैं, वह आपको स्थापित कराने में निषाद वंशीय समाज मदत भी करेगा।
(महेंद्र निषाद की फेस बुक वाल से साभार लिया गया)

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