बाबा नाथूराम वर्मा मर्डर केस में ममता वर्मा को भेजा जेल

आगरा, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्ट, 31 मार्च 2018। आगरा जनपद के थाना डौकी के मेहरा नाहरगंज में हुई नाथूराम वर्मा (निषाद) की सनसनीखेज हत्या का एक साल बाद पर्दाफाश होने पर  फ़िरोज़ाबाद के टूंडला की जिला पंचायत सदस्य ममता वर्मा(निषाद) की अहम भूमिकासामने आई है। मामता ने नाथूराम को रास्ते से हटाने को शूटर्स से हत्या कराई थी। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद शुक्रवार को ममता ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
डौकी के नदौता निवासी नाथूराम वर्मा की पांच जून 2017 को मेहरा नाहरगंज में अनवारा पुल के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में भीड़ ने बरौली गूजर के आम हौद निवासी सुधीर को पीट-पीटकर मार दिया और पुलिस की गाड़ी फूंक दी। किसी तरह पुलिस ने दूसरे आरोपित सुधीर के भाई समर को वहां से थाने पहुंचाया। बाद में उसे जेल भेज दिया गया। मगर, हत्याकांड की गुत्थी नहीं खुली थी। 
 कई माह बाद मामले की जांच क्राइम ब्रांच ट्रांसफर हो गई। क्राइम ब्रांच टीम ने गुरुवार को टूंडला के अनवारा से जिला पंचायत सदस्य ममता वर्मा को उठा लिया। सुबूतों के आधार पर सख्ती से पूछताछ की तो मामला खुल गया। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर जीपी तिवारी के मुताबिक, ममता वर्मा ने बताया है कि नाथूराम से उसके संबंध थे। उसने कई प्लाट का सौदा भी ममता के लिए कराया था। जिला पंचायत चुनाव में नाथूराम ने उन्हें चार-पांच लाख रुपये दिए थे। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में ममता को रुपये मिले तो नाथूराम अपने रुपये वापस मांगने लगा। इससे ममता से उसके संबंध बिगड़ गए, इसलिए ममता ने नाथूराम को रास्ते से हटाने की ठान ली। अपनी रिश्ते की देवरानी रेखा की नाथूराम से दोस्ती करा दी। वह उससे बात करने लगा। तभी पांच जून 2017 को अनवारा पुल के पास बुला लिया। वहां ममता ने पहले से ही ढाई लाख रुपये देकर शूटर्स को बुला रखा था। उन्होंने नाथूराम के पहुंचते ही गोली मारकर हत्या कर दी। ममता को जेल भेजने के बाद अब पुलिस रेखा और शूटर्स की तलाश कर रही है।  
डौकी में प्रॉपर्टी को लेकर कुछ माह में हुईं कई हत्याओं में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे थे। एडीजी अजय आनंद तक शिकायत पहुंचने के बाद इसमें तत्कालीन इंस्पेक्टर डौकी संजीव तोमर और इंस्पेक्टर तेज बहादुर के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू हो गई। छह माह से यह जांच चल रही है।पुलिस ने नाथूराम की हत्या के मामले में उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई थी। इसमें घटना से पहले ममता से उसकी कई बार बातचीत के प्रमाण मिले थे। उधर, ममता वर्मा की शूटर्स से भी लगातार बात हो रही थी। हत्या के समय उनकी घटनास्थल के आसपास मौजूदगी के प्रमाण भी पुलिस को मिल गए। इसके आधार पर पुलिस ने पूर्व में जिला पंचायत सदस्य और उसकी रिश्ते की देवरानी रेखा को उठा लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। अब इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने फिर से ममता को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ में पूरा मामला खुल गया।
क्राइम ब्रांच की जांच में ममता की बाबा मुंशीदास के बेटे से भी नजदीकी होने की बात सामने आ रही है। उधर, बाबा की दूसरी पत्नी से उनके बेटे का विवाद चल रहा था। बाबा की दूसरी पत्नी से नाथूराम मिल गए थे और उनकी करोड़ों की प्रॉपर्टी का सौदा भी करा रहे थे। पुलिस को आशंका है कि हत्याकांड में बाबा का बेटा भी संलिप्त हो सकता है। इसके कुछ साक्ष्य भी पुलिस को मिल गए हैं। 
डौकी में कुछ माह में ही तीन हत्याएं हुईं। पहली हत्या बाबा मुंशीदास की और दूसरी उनके भाई की और इसके बाद नाथूराम की हत्या कर दी गई। तीनों हत्याएं एक ही अंदाज में गोली मारकर की गईं। पुलिस को आशंका है कि तीनों घटनाओं में एक ही व्यक्ति का हाथ है और एक ही शूटर हायर किया गया। पुलिस ने इन्हें चिह्न्ति कर लिया है।