बस यूनियन की शह पर शातिर खुलेआम दे रहा जान से मारने की धमकी, टेम्पो ड्राइवर सहमे

फ़तेहपुर, एकलव्य मानव सन्देश रिपोर्टर राम बहादुर निषाद की रिपार्ट, 1 अप्रैल 2018। फ़तेहपुर नगर के पक्का तालाब में प्राइवेट बस का स्टैंड है, जहां से सवारियां लेकर बसें हुसेनगंज व अन्य रूटों पर चलती हैं। उसके एक किलोमीटर आगे लखनऊ बाई पास में कुछ विक्रम चालक भी खड़े होकर सवारियां भर लेते हैं और हुसेनगंज व जहां के लिए सवारियां मिलती हैं वहां चले जाते हैं। हमेशा की ही तरह वर्मा चौराहा निवासी विक्रम ड्राइवर पीयूष लखनऊ बाईपास से सवारियां बैठाकर जा ही रहा था कि अचानक 10-15 गुंडों के साथ पहुंचा एक शातिर ने अपने को बस यूनियन का मुंशी बताकर विक्रम ड्राइवरों को भाग जाने को कहा, तो विक्रम ड्राइवर पीयूष ने कहा कि पहले ही ईरिक्शा की वजह से शहर से हमको निकाला जा चुका है। अब हम कहां जाएँ रोजी रोटी के लिए। कहीं तो चलेंगे, फिर ये सवारियों पर छोड़ दो वह किस साधन से जाना पसंद करेंगी। शातिर का विरोध करना पीयूष को महंगा पड़ा। शातिर व उसके गुंडों ने मिलकर पीयूष की जमकर पिटाई कर दी। तभी किसी ने मारपीट की सूचना चौकी इंचार्ज बाकरगंज को दे दी। इंचार्ज मय फ़ोर्स के मौके पर पहुंचे और शातिर को पकड़कर कोतवाली ले लाये, शातिर के पकड़ने की जानकारी पर कोतवाली में एक सभासद व बस यूनियन के लोगों समेत शातिर के गुंडे भी भारी संख्या में कोतवाली पहुँच गये और पुलिस पर अन्यथा दबाव बनाने लगे। कोतवाली में एसएसआई ने कहा कि दो दिन तक किसी भी तरह का विवाद न करिये कोतवाल साहब के आने पर बैठकर इसका हल निकाल लिया जाएगा। इस बात को विक्रम ड्राइवर मानकर जाने लगे, इधर बस यूनियन के दबाव पर पुलिस ने शातिर को भी छोड़ दिया। जैसे ही वह कोतवाली के बाहर निकला उसने अपने गुंडों संग दोबारा विक्रम ड्राइवर को जान से मारने की धमकी दी। जिस पर चौकी इंचार्ज बाकरगंज ने कुछ लोगों को बाहर निकलकर खदेड़ा भी। मगर पुनः आधे घण्टे में गुंडों संग लखनऊ बाईपास में जाकर हॉकी डंडे लहराते हुए अराजकता शुरू कर दी। दोबारा चौकी इंचार्ज बाकरगंज को लखनऊ बाईपास में जाकर गुंडों को खदेड़ना पड़ा और शांति ब्यवस्था बहाल रखने के लिए वहां घन्टो बैठना पड़ा।
     माना जा रहा है कि शातिर पुराना हिस्ट्रीशीटर भी है और कई अपराधी भी उसके साथ अराजकता फ़ैलाने में सहयोग कर रहे हैं। वहीं इसका सहयोग एक स्थानीय सभासद भी कर रहा है। सूत्रों की माने तो पक्का तालाब बस स्टैंड में बीते वर्ष में कई बार यात्रियों से टप्पेबाजी हो चुकी हैं जिनका इन शातिरों से भी थोड़ा बहुत कनेक्शन जुड़ा है, मगर बस यूनियन के सहयोग से ये बचते आ रहे हैं। उधर आज भी सारे दिन हुसेनगंज थानाध्यक्ष इस मामले का हल निकालते रहे मगर अभी तक कोई बेहतर हल नहीं निकला। बस यूनियन चाहता है कि विक्रम उनके रुट पर न चलें और सवारियां बसों से ही सफर करें। उधर विक्रम ड्राइवरों का कहना है कि बसों में अधिक भीड़ होने की वजह से व समय बचाने के लिए सवारियां एक किलोमीटर आगे आकर हमारी गाड़ियों में बैठती हैं, इसमें हमारी क्या गलती है। ये सवारियों पर छोड़ दो उन्हें किस साधन से सफ़र करना है। मगर अभी भी लखनऊ बाईपास पर शातिर और उसके गुंडों की अराजकता जारी है। अगर जल्द ही इन्हे पकड़कर अंदर न किया गया तो, किसी भी अप्रिय घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।

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