जातीय बंधन तोडकर एक सूत्र में बंधे निषाद और सैथवार

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश के लिए राहुल कश्यप की रिपोर्ट, 15 अप्रैल 2018। गोरखपुर में आज जातीय बंधन तोडकर एक सूत्र में बंधे निषाद और सैथवार, लोगो को दिया एक होने का संदेश, की बाबासाहब के सपनों की शुरूआत।बडे हर्ष के साथ आपको बता दे कि आज कैम्पियरगंज में बौद्ध भिक्षु भंतेउत्तरानंद के देखरेख में रामसावर निषाद ने सुमित्रा चौधरी से बकायदा बौद्ध रीती-रिवाज से विवाह करके हजारो वर्षों चली आ रही जातीय परम्परा को तोड दिया। 
यह मिशाल हैं सामाजिक परिवर्तन की ।
यह मिशाल हैं अम्बेडकरवाद के शुरुआत की।
यह शुरूआत हैं बाबासाहब के सपनो की।
आप भी  दिजीये बधाई क्योंकि यह शादी बहुजन समाज के लिये एक मिशाल है।
शादी के दौरान पूर्वांचलसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, सुहेलअख्तर और चंद्रेश आजमगढ़ी भी मौजूद थे।