जब तक सूरज चाँद रहेगा,वीर शहीद अर्जुन व राजेश का नाम रहेगा

गाज़ीपुर (Gazipur), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 27 मई 2018। जब तक सूरज चाँद रहेगा,वीर शहीद अर्जुन व राजेश का नाम रहेगा। मैं बिन्दु बाला बिन्द गाजीपुर, एक तुलनात्मक विश्लेषण कर रही हूँ जिसे आप अपना दो मिनट कीमती समय निकालकर जरूर पढ़िए।
    ग्राम करीयाव, मीरगंज मड़ियाहूं जिला जौनपुर के वीर शहीद उप निरीक्षक राजेश कुमार बिन्द जी व ग्राम बरई पारा जिला गजीपुर के वीर शहीद सिपाही अर्जुन राजभर जी को सत सत नमन् करती हूँ।                 छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा में विगत दिनों 19 मई को गाजीपुर का लाल आतंकी हमले में सिपाही अर्जुन राजभर जी शहीद हो गए थे जिनका पार्थिव शरीर गाजीपुर में आने पर उनके समाज के वाराणसी से विधायक अनिल राजभर जी जो योगी सरकार में मंत्री हैं, वे तत्काल शहीद के घर वाराणसी से गाजीपुर पहुंच गए और 20 लाख का चेक शहीद की पत्नी तथा 5 लाख का चेक शहीद के माता पिता को आर्थिक सहायता के रूप में दिए। लेकिन इस दुखद घटना के पाँच दिन बाद ही 25 मई को छत्तीसगढ़ सुकमा में ही बारूदी सुरंग में जौनपुर के लाल उप निरीक्षक राजेश कुमार बिन्द जी भी शहीद हो गए। लेकिन हमारे समाज के कोई भी जनप्रतिनिधि शहीद के घर परिवार को सहायता राशि देना तो दूर, शहीद के घर जाना, घटना के दिन से आज दिन तक मुनासिब नहीं समझे।
        योगी सरकार में हमारे समाज से कुल 5 विधायक हैं, जो अनिल राजभर को देखकर नक़ल भी नहीं मार सकते हैं। अर्थात हमारे समाज के ये सभी विधायक स्वार्थी व निक्कमे हैं। जिनमें से दो लोग मंत्री हैं। एक माननीय जय प्रकाश निषाद जी, विधायक रुद्रपुर, देवरिया, राज्य मंत्री व दूसरा माननीय डॉ संगीता बलवंत बिन्द जी, विधायक सदर, गाजीपुर महिला बाल विकास सभापति हैं।
        जब मंत्री अनिल राजभर जी अपने समाज के सपूत के शहीद होने पर तत्काल प्रभाव से योगी सरकार से 25 लाख रूपये की आर्थिक सहायता राशि शहीद के परिवार के नाम रिलीज करवाकर मौके पर ही वाराणसी से गाजीपुर में आकर दे सकते हैं, तो फिर मंत्री जय प्रकाश निषाद जी देवरिया से जौनपुर आकर तथा सभापति डॉ संगीता बलवंत बिन्द जी गाजीपुर से जौनपुर आकर, सहायता राशि शहीद के परिवार को क्यों नहीं दिए ?
    यह सबसे बड़ा सवाल है, जिसे समाज के लोगों को समझना होगा, कि आखिर हम और और हमारे जनप्रतिनिधि कहाँ सोये हुए है ??
      हम लोगों को खुद ही जागते हुए इन जन प्रतिनिधियों को भी जगाना होगा। ताकि समाज के हक़ अधिकार पर कोई डाका ना डाल सके और इस तरह से समाज सहित समाज के एक वीर शहीद को पुनः भविष्य में अपमानित ना होना पड़े।
      मैं योगी सरकार व योगी सरकार में अपने समाज के विधायकों से इसलिए काफी नाराज हूँ, कि ये योगी सरकार दोहरीनिति व रवैया के तहत मुआवजा राशि देने का काम कर रही है। जिसे हमारे समाज के विधायक मर्गदर्शक बनकर देख रहे हैं।
       क्या योगी सरकार को पता नहीं है कि, बिन्द समाज जौनपुर का लाल वीर जवान उप निरीक्षक राजेश कुमार बिन्द जी शहीद हो गये हैं ?? या फिर सरकार सहित हमारे समाज को विधायकों को भी अभी तक पता नहीं चला है??
     वीर शहीद जवान सिपाही अर्जुन राजभर जी को मौके पर ही 25 लाख, तो वीर शहीद जवान उप निरीक्षक राजेश कुमार बिन्द जी मौके पर प्रदेश सरकार के तरफ से कोई धनराशि नहीं और अभी तक नहीं,
*आखिर क्यो --- क्यों --- क्यों  ??*

बहुत सारे सवाल क्यों के रूप में हैं। जिनका जवाब समाज माँग रहा है !
       समाज के तमाम नेताओं व बसपा विधायक भैया हाकिमलाल बिन्द जी से कोई शिकायत नहीं करना चाहूंगी, क्योंकि ये सभी लोग सरकार में नहीं हैं अर्थात ये लोग सहायता राशि सरकार से रिलीज नहीं करवा सकते हैं और नाही इन लोगो के कहने पर योगी सरकार सहायता राशि ही देगी।
   मैं समाज के हितों व समाज की आवाज़ के लिए किसी भी गलत व्यक्ति की आलोचना करने में पीछे नही रहती हूँ। क्योकि आलोचना करना मेरी फर्ज और अधिकार है। क्योकि समाज इन लोगो को चुनकर सदन में भेजना का काम इसलिए किया है कि ये लोग हमारे समाज की बातो व समस्याओं को सुनेंगे। समाज इन लोगो को *गूंगा, बहरा व अंधा* बनाकर नहीं भेजा था। जो समाज को आज ये दिन देखना पड़ रहा है।
      मैं बिन्दु बाला बिन्द गाजीपुर, राज्य व केन्द्र की योगी मोदी सरकार से शहीद उप निरीक्षक राजेश कुमार बिन्द जी के गाँव को शहीद गाँव घोषित करने तथा परिवार को एक करोड़ आर्थिक सहयोग की माँग तथा परिवार में एक व्यक्ति को नौकरी देने, शहीद के नाम पर शहीद स्मारक और जौनपुर में एक राजमार्ग का नाम शहीद के नाम पर रखने की माँग करती हूँ।
बिंदु बाला बिन्द
गाजीपुर सदर। 

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