भाजपा की मोदी सरकार में आम जनता की जेब पर सरकारी डकैती

अलीगढ़ (Aligarh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) एडिटोरियल रिपोर्ट, 26 मई 2018। भाजपा की मोदी सरकार में आम जनता की जेब पर सरकारी डकैती। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आरएसएस और अपने करीबी बड़े उद्योगपतियों के इशारे धार्मिक मुददों में आम पब्लिक को उलझाकर एक देश एक टैक्स यानी भारी भरकम 28 प्रतिशत तक जीएसटी लागू करने के बाद भी पेट्रोल औऱ डीज़ल को इस टैक्स से बाहर रखकर 10 लाख करोड़ से भी ज्यादा की बसूली करके आम जनता को महंगाई के जाल में फंसा कर सरकारी लूट को बढाबा देने में लगे हुए हैं। आज बढ़ती बेरोजगारी, बढ़ाता संगठित भ्रस्टाचार, सरकारी बैंकों की मोदी और भाजपा के करीबियों द्वारा खुली लूट और इस लूट की भरपाई के लिए आम जनता की जेब पर पेट्रोल डीजल और बैंकों के ट्रांजेक्शन पर बड़ा हुआ चार्ज से आम पब्लिक परेशान ही नहीं त्राहि त्राहि कर रही है। मोदी सरकार अपनी बड़ाई को दिखाने के लिए हज़ारों करोड़ रुपया खर्च करने में मस्त है। यह पहली सरकार है जिसने मनरेगा के मजदूरों को भी 100 दिन का रोजगार उपलब्ध नहीं कराया है। केवल 6 प्रतिशत लोगों को ही मनरेगा में 100 दिन रोजगार मिला है। खदानों में हाई कोर्ट के ऑर्डर के बाद भी मशीनों से खदान और लदान कराया जा रहा है। आम आदमी को काम की जगह बेरोजगारी दी जा रही है, पलायन करने को मजबूर किया जा रहा है। पहली सरकार है जो 2 करोड़ रोजगार हर साल देने के वायदे के साथ चुनाव जीती थी, लेकिन आज स्थिति यह है कि रोजगार देने की जगह सबसे ज्यादा रोजगार अगर किसी सरकार ने छीने हैं, तो यह मोदी ही की सरकार है। मोदी सरकार ने अपनी नाकामयाबियों को छुपाने के लिए आरएसएस के एजेंडे के अनुसार आरक्षण को पंगू बनाने का कार्य किया है। आज आरक्षित वर्ग के व्यक्ति को हाई मेरिट होने के बाद भी अनारक्षित कोटे में जगह नहीं मिल रही है। 15 प्रतिशत लोगों को 50.5 प्रतिशत कोटे का लाभ इस सरकार में हो रहा है। जो भी नेता अन्य पार्टियों में भ्रस्ट थे और उन्होंने अगर भाजपा जॉइन कर ली है तो अब पवित्र हो गये हैं। और जो नहीं गए भाजपा में तो उनको परेश भी खूब किया जा रहा है। चाहे लालू यादव जी हों, चाहे मायावती जी और अभी का नया उदाहरण है निषाद पार्टी के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह की जैड श्रेणी की सुरक्षा वापिस लेने और वर्तमान में योगी आदित्यनाथ को धूल चटाकर गोरखपुर से जीते सांसद ईं. प्रवीण कुमार निषाद को बार बार आग्रह के बाद भी पूरी सुरक्षा नहीं दिया जाना इस बात का द्योतक है।
भारत को हिन्दू राष्ट घोषित करके भाजपा और आरएसएस मनुबाद को लागू करना चाहते हैं। भारत के संविधान की धज़्ज़ियाँ उड़ाने में आज ये तंत्र लगा हुआ है। पिछले दिनों मध्यप्रदेश के मुख्य मंत्री ने सरकारी कार्यक्रम में तिरंगा की जगह भाजपा का झंडा ही फहरा दिया और राष्ट्रगान भी गाया गया, ये संविधान के साथ गद्दारी ही है। 
लोग इन सभी बातों की और ध्यान नहीं दें इसीलिए कभी हिन्दू और मुस्लिम का मुद्दा, कभी पाकिस्तान का मुद्दा, कभी जिन्ना का जिन्न और कभी गो हत्या का मामला उछाल कर आम पब्लिक को उसकी खुद की लूट से ध्यान हटाने के लिए उछालने में ये लगे हुए हैं। आम जनता की हालत इतनी खराब कर दी गई है कि अच्छे दिन आने के जगह, आज उसके पास अच्छे शौचालय बनाने और अपनी बेटियों की शादी करने के लिए भी पैसे नहीं हैं। उनको भी अब सरकारी भीख मांगने को मजबूर होना पड़ रहा है। और यही आरएसएस चाहता भी है, कि कमजोरों को और कमजोर बनाया जाय। इसलिए आपको समझना होगा कि ये सरकार आम जनता की हितैषी है या आम जनता की डकैत।