गोरखपुर(Gorakhpur) सांसद(MP) प्रवीण निषाद ने जिंन्हा की तारीफ सत्यता के आधार पर की है

नई दिल्ली, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्ट, 4 मार्च 20198। गोरखपुर के सांसद ईं.प्रवीण निषाद(Pravin Nishad) ने जिंन्हा की तारीफ सत्यता के आधार पर की है।
जो सच आजतक देश के दलित शोषित नेता अपनी पार्टी की चाटुकारिता में दबाये बैठे थे उसे वंचितों को बताना जरूरी है।

सच की ब्याख्या मैं करता हूँ।

जब देश स्वतन्त्र हो रहा था तब भी देश की सामंतवादी, हिन्दू रुड़वादी नेताओं की जमात मल्लाहों को अछूत मानती थी और उन्हें कभी भी देश के राजनीति में हिस्सा नही लेने दिया। जब मल्लाह योगेंद्र नाथ मंडल ने लोकतांत्रिक विजय प्राप्त की तब यही हिन्दू व सावंतवादी ताकतों ने उनका वहिष्कार कर दिया। तब मल्लाह योगेंद्र नाथ मंडल को मुस्लिम लीग के मुखिया जिन्ना ने सम्मान दिया।
हिंदुत्व व सामंती ताकतों को मल्लाह मंडल जी तब और खटकने लगे जब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को मल्लाह मंडल ने अपनी जीती हुई सीट से इस्तीफा देकर उस समय के सामंती नेताओ को चुनोती देते हुए अम्बेडकर जी को जिताकर संविधान सभा में भेजा। जिसका परिणाम यह हुआ की मल्लाह मंडल जी जिस परिक्षेत्र से आते थे उस पूरे परिक्षेत्र में हिन्दू आवादी, मुस्लिम आबादी से ज्यादा होने के बाद भी पाकिस्तान के हवाले कर दिया गया, जो बटवारे के नियम का सीधा उलंघन था। और मजबूरन मल्लाह मंडल जी को पाकिस्तान के तरफ जाने को मजबूर होना पड़ा।
 पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने अपनी पहली कैबिनेट में योगेंद्रग मल्लाह मंडल को पाकिस्तान देश का विधि मंत्री बनाया था।
श्री योगेंद्र नाथ मंडल मल्लाह का संबंध ईस्ट बंगाल (अब पाकिस्तान) से था। वे वहां पर मुस्लिम लीग के नेता थे। मल्लाह योगेंद्र नाथ  मंडल दलित मल्लाह थे।
(महेंद्र निषाद दिल्ली की फेसबुक वॉल से साभार लिया गया)