साहित्य की दुनिया में राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद (RNEP) ने रचा इतिहास

गोरखपुर (Gorakhpur), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh), ब्यूरो रिपोर्ट, 27 मई 2018। साहित्य की दुनिया में राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद (RNEP) ने रचा इतिहास। आपको जानकर ख़ुशी होगी कि, छुपा हुआ मछुआ (कश्यप-निषाद) समुदाय का एक ऐसा गौरवशाली इतिहास जो किसी जमाने में देश को सोने की चिड़िया की संज्ञा दी जाती थी। पढ़ें उस इतिहास को, जिसमें देश को एक प्रबुद्ध भारत कहा जाता था। 
महामना मान्यवर डॉ.संजय कुमार निषाद जी (राष्ट्रीय अध्यक्ष-राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद (RNEP) व निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) द्वारा लिखित निम्न पुस्तकें, जो निर्बलों/मूलवाशियों को हकीकत से रूबरू कराते हुए रोंगटे खड़ी कर देतीं हैं।
1. आरक्षण के असली हक़दार हम।
2. भारत का असली मालिक कौन?
3. भगवान महाराजा गुह्यराज निषाद।
4. द्वारिकाधीस वीर एकलव्य।
5. निषाद वंश-परिचय, विचारधारा, उद्देश्य
6. भारत के असली मूलवासी।
7. अनुशासन।
8. नियम व शर्ते-भाषण संभाषण
9. निषादों का इतिहास।
10. निषाद बांसुरी
11. डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम।