फिर क्यों समाज के दुश्मन बने हुए हैं ये ??

आगरा, उत्तर प्रदेश (Agra, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो चीफ बाबा बालक दास निषाद की रिपोर्ट, 30 जून 2018। डॉक्टर संजय कुमार निषाद जैसे समर्थ, जुझारू, समर्पित, लगनशील और समाज के सर्वस्वीकार्य नेता के सफल नेतृत्व में निषाद पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता व अपार जन समर्थन तथा विरोधियों के दिलोदिमाग में खौफ पैदा करने बाली सफल निषाद राजनीति के होते हुए, छोटी मोटी पार्टियां बनाकर या दूसरी पार्टियों के दलाल बनकर राजनीति करने बाले लघु नेतागण क्यों नहीं समाजहित में अपनी पार्टी, निषाद पार्टी का समर्थन करते हैं ?
    क्या उनकी अक्ल में नहीं आता है, कि जितनी ज्यादा पार्टियां होंगी या दलाल होंगे, तो समाज टूटेगा ? और समाज के टुकड़े होंगे, तो मजबूत होगा या कमजोर ?
   क्या उनकी छोटी सी अक्ल में यह जबाब नहीं आता कि टूटा-फूटा समाज कभी मजबूत नहीं होता ?
      फिर क्यों समाज के दुश्मन बने हुए हैं ये ?? 
   निषाद पार्टी के रूप में समाज के अच्छे भविष्य की एक उम्मीद की किरण जागी है तो, क्षणिक निजी स्वार्थ के चक्कर में, क्यों समाज के टुकड़े बनाकर कमजोर करने में लगे हुए हैं ?
    आप लोग तो उन दुश्मनो से भी बुरे दुश्मन हो, जो समाज के वोट जूते मारकर लेने का दावा करते हैं। उनके जूते का जवाब तो, जूते से दिया जा सकता है, लेकिन आप विभीषण बनकर क्यों समाज के सत्यनाश में लगे हुए हैं ?
     दुनिया जानती है कि लंका के सर्वनाश का जिम्मेदार विभीषण था। आप क्यों विभीषण की भूमिका निभा रहे हो। आखिर आपको जूठन व दलाली के टुकड़ो के अलावा कुछ नहीं मिलेगा वहां। लेकिन पहले से ही बर्बाद हो चुका समाज अपनी खड़ी हो रही राजनीतिक ताकत को खो देगा।
    आपका भी भला तभी होगा जब समाज का भला होगा।
  आप सभी से निवेदन है कि "जय निषाद राज" के नारे को बुलंद करो, भगवान गुहराज निषाद राज की आरती करो, सबका भला होगा। आपको वो मिलेगा जो दुश्मन कभी नही दे सकता।
जय निषाद राज।
(निषाद पूजा राम वर्मा, सेवानिवृत्त इंसपेक्टर, सेंट्रल कस्टम एन्ड एक्साइज, आगरा)