पुलिस प्रशासन के षड्यंत्र के कारण नही मिली रिहाई

जौनपुर एकलव्य मानव संदेश चीफ ब्यूरो प्रदीप कुमार निषाद की विशेष रिपोर्ट-26 जून 2018। आपको अवगत करा दें कि सन 2015 से चले आ रहे प्रदर्शन की भांति इस वर्ष भी 7 जून को दिन सोमवार समय 11:00 बजे निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्ट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आवाहन पर पिछड़े समाज की 17 जातियों के आरक्षण के मुद्दे की मांग को लेकर रेलवे ट्रेैक पर अपना विरोध जताने के अभियान के तहत सिटी स्टेशन के पास प्रदर्शन हुआ और पार्टी के लोग व कार्यकर्ता अपनी आरक्षण रूपी मांग को लेकर शांतिपूर्वक रेलवे की पटरी पर बैठकर विरोध जता रहे थे, लेकिन विपक्षी पार्टी के सह पर, प्रशासन की घोर लापरवाही से, पुलिस प्रशासन के पुलिस उपाधीक्षक नृपेंद्र सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ मौके पर गए तो, पार्टी के लोग अपने प्रदर्शन के बाबत ज्ञापन उनको देने लगे तो, विज्ञापन नहीं लिए और अपशब्द के साथ पुलिस बल से लाठीचार्ज करा दिया।
         पुलिस के लाठी चार्ज से तमाम कार्यकर्ताओं को चोटें पहुंचाई गई। 17 महिला कार्यकर्ता और 12 पुरुष कार्यकर्ताओं को पुलिस बल द्वारा गिरफ्तार करके थाना लाइन बाजार में बंद कर दिया गया। और गिरफ्तार महिला कार्यकर्ता को धारा 107, 116 के फर्जी मुकदमे में और पुरूष कार्यकर्ताओं को धारा 147,1 49, 188, 307, 323, 224, 332, 336, 341, 353, 504, 120B, 3/4 के तहत फंसा कर जेल भेज दिया।
      नृपेन्द्र सिंह सीओ सिटी की घोर लापरवाही व अमानवीय कृत्य के कारण यह सब हुआ। इन्हीं के द्वारा जिला प्रशासन के लोगों को झूठे तथ्यों को बता करके गुमराह करके कार्यकर्ताओं को फंसा दिया है। और भी पार्टी के लोगों व कार्यकर्ताओं को फंसाने के फिराक में लगे हुए हैं।
       निषाद पार्टी के लोगों की सरकार से मांग है कि धरना के संबंध में जांच कराकर, सिंह के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करें, नहीं तो पार्टी के लोग जिलाधिकारी के कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन पर बैठने के लिए बाध्य होंगे।
      इस संबंध में यह सूचना जिलाधिकारी को अवगत कराई जा रही है, कि जल्द से जल्द पार्टी के कार्यकर्ताओं के ऊपर लगे फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं और उनको बाइज्जत बरी किया जाए।
   
आपको बता दें 25 जून 2018 को कोर्ट में पेशी थी प्रशासन द्वारा पुलिस डायरी कोर्ट में प्रेषित न होने के कारण अगली तारिख 2 जुलाई 2018 को पड़ी।