अमित शाह को निषादों द्वारा 2019 में भाजपा को डुबाने का डर संताने लगा


आगरा, उत्तर प्रदेश (Agra, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 6 जुलाई 2018। आगरा में 5 जुलाई को पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को, पहले गोरखपुर, फूलपुर और बाद में कैराना, नूरपुर के उपचनावों में निषाद वंशियों द्वारा भाजपा को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के कारण अब साफ दिखाई देने लगा है कि अब निषाद/मल्लाह/कश्यप/बिन्द भाजपा के झांसे में आने वाले नहीं हैं। इनको अब मालूम हो गया है कि भाजपा ने इन्हें धोखा दिया है। और ये धोखा देने वाले को बीच मझदार में डुबो सकते हैं, यानी अब 2019 में भाजपा इनके सहारे सत्ता में नहीं आ सकती है।  इसलिए भाजपा अब अन्य पिछड़े और कमजोर दलितों को बरगलाने का काम करेगी। 
       निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) आज उत्तर प्रदेश के लगभग 10 प्रतिशत वोट को भाजपा से अलग करने की ताकत बन चुकी है और 2014 में भाजपा को 34 प्रतिशत वोट मिला था। सपा, बसपा अलग अलग लड़े थे। निषादों का लगभग अधिकांश वोट हिन्दू के नाम पर भाजपा को मिला था। अब अगर ये 10 प्रतिशत वोट भाजपा से अलग हो गया है और सपा, बसपा के साथ निषाद पार्टी न गठबंधन किया है। तो 70 प्रतिशत वोट महा गठबंधन को और लगभग 25 प्रतिशत वोट भाजपा को शेष 4 प्रतिशत अन्य को 2019 में जाता दिखाई दे रहा है। और यही भाजपा की नींद हराम कर रहा है। 
   भाजपा अध्यक्ष को पता चल गया है की 2019 में भाजपा को डूबने से अब कोई नहीं रोक सकता है। इसलिए भाजपा अब इस गठबंधन को तोड़ने के लिए कभी हिदुत्व, कभी राम मंदिर, कभी अन्य मुद्दे उछलने के लिए प्रयास करेगी। इस लिए निषाद वंशियों को अब निषाद पार्टी को मजबूत करने का सुनहरा मौका मिला है। और डॉ. संजय कुमार निषाद के नेतृत्व को स्वीकार करके भाजपा की चालों से अन्य निर्बल वर्ग को बचाने के लिए कार्य करना चाहिए।
    जो निषाद, मल्लाह, कश्यप बीजेपी में गुलामी कर रहे हैं,  उनके मुँह पर अमित शाह ने ये करारा तमाचा मारा है। कुछ गुलाम मंच पर अपनी कौम के बारे सुनते रहे। अमित शाह कह रहा था मल्लाहों का चक्कर छोड़ दो, खुद तैर के दरिया पार करो। भाजपा में रहने वालो और भाजपा को सपोर्ट करने वालो, अगर असली निषाद राज के वंशज हो तो, आप भी बीजेपी का चक्कर छोड़, इनको/भाजपा को 2019 के चुनाव रूपी दरिया में डुबो कर मार/खत्म कर दो। खुद को मजबूत करो। किराए के महल से तो खुद की झौपड़ी के मालिक अच्छे हो। आओ निषाद पार्टी को मजबूत बनाने के लिए।