निषाद वंशीय समाज के कल्याण के लिए 5 सूत्र

अलीगढ़, उत्तर प्रदेश (Aligarh, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) संपादक जसवन्त सिंह निषाद की संपादकीय रिपोर्ट, 17 जुलाई 2018। बिना अधिकारों की प्राप्ति के समाज का कल्याण नहीं हो सकता है।
अधिकार सरकार देती है।
सरकार वोट से बनती है।
वोट पार्टी में पड़ते हैं।
इसलिए पार्टी को मजबूत कीजिए।
निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) आज एक विकल्प के रुप में समाज के सामने खड़ा हो गई है।
बहुत से समाज सेवी और समाज के शुभ चिंतक जब भी कहीं मिलते हैं, तो ऐसे लोग या नेता एक ही बात कहते हैं। कि समाज की उन्नति के लिए एक नेता, एक झंडा की बात करते रहे हैं। लेकिन मैं 1984 से जब प्लस टू में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का छात्र था, तभी से समाज के संगठन से जिला महा सचिव के रूप में कार्य करना प्रारंभ किया था। जो आज तक बादस्तूर जारी है। में भी ऐसे लोगों की बात का पूरा समर्थक करता हूँ। लेकिन 34 साल हो गए इनकी एक नेता एल झंडा की बात को सुनते सुनते। लेकिन एक कि जगह आज हज़ारों नेता तो बन गए लेकिन एक झण्डा भी नहीं बना पाए।
आज एक नेता भी- महामना डॉ. संजय कुमार निषाद के रूप में और एक झंडा भी (मेहरून रंग का) खड़ा हो गया है। लेकिन अभी भी कुछ सूरदासों को दिखाई नहीं दे रहा है। डॉ. संजय कुमार निषाद के रूप में एक ऐसा मजबूत नेतृत्व जिसके नाम से भाजपा की नींद हराम है। भाजपा निषाद पार्टी से सीधी टक्कर लेने में घबराने लगी है इसलिए उसने कुछ झूठन खाने के आदि नेताओं को को तलासना सुरु कर दिया है। कुछ की जीभ लपलपा रही है। सामाजिक संगठन समाज के उत्थान की जगह मीठे जहर के रूप में समाज को पीछे ले जाते हैं। निषाद, कश्यप, बिन्द, कीर, भोई, माझी, मल्लाह, केवट, रायकवार, तुरैहा, बाथम, मेहरा, गौंड़ आदि के नाम पर संगठन बनाने वाले लोगों और नेताओं से निषाद वंशीय समाज को बचाने के लिए अब एक मुहिम चलाने की आवश्यकता है। आज ऐसा नहीं किया गया तो निषाद वन्स के उत्थान के कल्पना करना भी बेमानी होगी। क्योंकि अब तक संगठन चलाने वाले उन्ही पार्टियों को वोट दिलाते रहे हैं, जहां से उनको कुछ खाने को मिल जाय। आज इन लालची नेताओं की वजह से उत्तर प्रदेश में बालू और मोरंग के जन्मजात अधिकार को भाजपा सरकार ने छीन लिया है। निषाद राज आवास का कोई पता नहीं। निषाद राज गुह्यराज और महर्षि कश्यप जयंती की छुट्टी खत्म कर दी गई है इसी सरकार में। निषाद और शोषित वर्ग की शान बहन फूलन देवी के हत्यारे को हिन्दू सम्राट बनाकर घुमाया जा रहा है भाजपा की ही सरकार में। बहन बेटियों के इज़्ज़त भाजपा के विधायक, सांसद, मंत्री लूट रहे हैं। संगठित भ्रस्टाचार कई गुना ज्यादा बढ़ गया है। बेरोजगारी दिन रात बढ़ रही है। ऐसे में वो नेता भाजपा की गोद में बैठकर निषाद पार्टी के नेतृत्व पर आरोप लगाते हैं, तो लगता है कि इनकी सार्वजनिक जगह पर बेज्जती करके ही समाज को सही संदेश दिया जा सकता है। क्योंकि निषाद वंस की दुर्दशा के लिए भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा से ज्यादा दोषी निषाद वन्स के ही लालची नेता हैं, जो अपने स्वार्थ के लिए निषाद पूरे समाज का गला घुटवाने में इन पार्टीयों की झूठन खाने के लिए लालाइत रहते हैं। आज निषाद पार्टी ने सम्पूर्ण निषाद वन्स का सम्मान पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ाया है। इसके लिए डॉ. संजय कुमार निषाद का करिश्माई नेतृत्व को सेल्यूट। डॉ. संजय कुमार निषाद ने निषाद वंश की सफलता के लिए परिष्कृत सूत्र तैयार किये हैं।
निषाद वंशीय समाज के कल्याण के लिए 5 सूत्र-
एक पार्टी-निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल।
एक नेता-डॉ. संजय कुमार निषाद।
एक झण्डा-मेहरून रंग का।
एक नारा-जय निषाद राज।
एक चुनाव चिन्ह-जो 7 प्रतिशत वोट प्राप्त करने पर परमानेंट हो जाएगा।