सावधान!! सावधान!! भाजपा लाल बत्ती के सहारे निषाद एकता को तोड़ने का कुचक्र चल सकती है

अलीगढ़, उत्तर प्रदेश (Aligarh, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 7 जुलाई 2018। सावधान!! सावधान!! भाजपा लाल बत्ती के सहारे निषाद एकता को तोड़ने का कुचक्र चल सकती है। पहले गोरखपुर, फूलपुर और बाद में कैराना नूरपुर के उपचनावों में भाजपा की लुटिया डुबोने वाले निषाद वंशियों की एकता ने भाजपा नेतृत्व को पूरी तरह से हिला दिया है और अब भाजपा को लगने लगा है कि अगर इन जातियों का वोट जो डॉ. संजय कुमार निषाद के करिश्माई नेतृत्व के कारण एकजुट होकर महा गठबंधन की और जा सकता है। और भाजपा के अपने निषाद कश्यप नेताओं के सहारे इस एकजुटाता को रोकना मुश्किल है। क्योंकि निषाद पार्टी का जन्म ही निषाद वंश की जातियों के आरक्षण के लिए हुए है। और यह पार्टी पिछले 5 सालों से पहले राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद और बाद में निषाद पार्टी के बेनर के तले आरक्षण के लिए लगातार आंदोलन और प्रदर्शन, रेल रोको आदि कार्यक्रम में लगी हुई है।इसलिए निषाद पार्टी के कुछ एक नेताओं को लाल बत्ती की लौलीपॉप और कुछ को धनबल की बदौलत आरक्षक की जगह तोड़ने कोशिश भाजपा नेतृत्व को आसान लग रहा है। क्योंकि निषाद पार्टी निषाद वन्स के लोगों के चंदे से चलती है और पार्टी के कुछ लालची और भूखे लोग पैसे के लिए भाजपा की और से मिलने वाले किसी भी ऑफर को लेने के लिए पिछले लगभग 1 माह के लगे हुए हैं। अब देखना होगा कि इन लालची लोगों को लाल बत्ती ज्यादा प्यारी है या निषाद पार्टी की पहली और प्रमुख मांग जिसके लिए शहीद अखिलेश निषाद ने 7 जून 2015 को मगर में अपनी कुर्बानी दी थी यानी निषाद आरक्षण। 

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