उ.प्र. जल निगम समन्वय समिति लखनऊ के आवाहन पर आज भी धरना जारी रहा

मथुरा, उत्तर प्रदेश (Mathura, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो रिपोर्ट, 6 जुलाई 2018। उ.प्र. जल निगम समन्वय समिति लखनऊ के आवाहन पर आज दिनांक 06.07.2018 को धरना/गेट मीटिंग का कार्यक्रम ई. आर.पी.यादव, जनपद प्रवक्ता की अध्यक्षता में जारी रही। धरना स्थल पर सभा को सम्बोधित करते हुए जनपद प्रवक्ता ने बताया कि उ.प्र. सरकार की गलत नीतियो के कारण प्रदेष की ग्रामीण पेयजल योजनाऐं ध्वस्त होती जा रहीं है। रखरखाव की पेयजल योजनाओ हेतु सरकार ने फण्ड देना बन्द कर दिया है। जो पेयजल योजनाऐं चल रहीं थी, वह ध्वस्त होने के  कगार पर हैं। प्रदेष की जनता त्राहि-त्राहि कर रहीं है।
    धरने में उपस्थिर्त इं. शंकरलाल वाधवा ने दो टूक शब्दो में चेतावनी दी है कि उ.प्र.जल निगम को सरकारी विभाग (पी.एच.ई.डी.) बनाना ही पड़ेगा, क्योंकि आने वाले समय में पेयजल, देश में एक विशाल मुद्दा बनेगा। आज से 30 वर्ष बाद देश में पीने के पानी का भयंकर संकट उत्पन्न होने वाला है, जल स्तर जिस तेजी से नीचे गिरता जा रहा है एक दिन ऐसा आयेगा कि भूगर्भ जल नहीं मिलेगा। वर्तमान में प्रदेष की सरकार पेयजल पर कोई ध्यान नहीं दे रहीं है। जल निगम के कर्मियो को सप्तम् वेतनमान लागू न करना उनके हक पर कुठाराघात करना है। 
      समन्वय समिति के बैनर तले आन्दोलन चलते-चलते तीन माह व्यतीत हो चुके हैं, किन्तु सरकार के मंत्रियो बार-बार आष्वासन देकर अपनी हठधर्मता सावित कर रहें है। दिनांक 19.07.2018 को लखनऊ में एक विषाल रैली के माध्यम से सोती सरकार को जगाना है। रैली में भाग लेने के लिए जनपद मथुरा से कम से कम 200 कर्मचारी लखनऊ पहुचेगें एवं सरकार की ईंट से ईंट बजा देगें।
      सभा को अरूणोदय त्यागी, ईं. तालेवर सिंहर्, ईं. सुधीर भारद्वाज, ईं. कमल कुमार, ई. हेमन्त कुमार, ईं. दीवान सिंह, ईं. सत्यप्रकाष, ईं. अनस सलाम, ईं. शेष मणि बिन्द, हरप्रसाद, बृजमोहन सारस्वत आदि लोगों ने सम्बोधित किया। सभा का संचालन ईं.खेमकरन ने किया।