जानिए मजबूत सूत्र निषाद वंशीय 17 जातियों के आरक्षण को 100 प्रतिशत प्राप्त करने का

अलीगढ़, उत्तर प्रदेश (Aligarh, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव सन्देश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 28 सितम्बर 2018। एक नारा लगाओ, भाजपा भगाओ, कश्यप निषाद की सरकार बनाने के लिए एक हो जाओ।
सबसे मजबूत विकल्प एक ही है
निर्बल इन्डियन शोषित हमारा आम दल (N.I.S.H.A.D. पार्टी) को मजबूत बनाओ,
जब तक आप सपा, बसपा, भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रिय लोक डल आदि दलों के साथ जुड़े रहोगे, समाज का भला नहीं होगा। चमार भाइयों का भला, यादव भाइयों का भला बसपा और सपा से जुड़ने के कारण हुआ है।
समाज को हक़ सरकार देती है,
सरकार वोट से बनती है,
वोट पब्लिक देती है,
वोट पार्टी में पड़ता है,
पार्टी सरकार बनाती है।
निषाद कश्यप समाज के लोग सामाजिक संगठन बना बनाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी के तरह कार्य करते हैं, लेकिन पार्टी न होने के कारण जब वोट का समय आता है, कभी सपा, कभी बसपा, कभी भाजपा या कोंग्रेस के लिए वोट दिलाते हैं, और बाद में फिर इन पार्टीयों में रहते हुए गिड़गिड़ाते रहते हैं।
आज भाजपा सपा बसपा को पहली बार अहसाह हो गया है कि निषाद कुछ कर सकता है। इसलिये भाजपा सबसे ज्यादा नुकसान इसी समाज का कर रही हैं। बालू मोरंग से समाज को पूरी तरह से बेदखल कर दिया है योगी की सरकार ने। आरक्षण को हाई कोर्ट के आदेश के वावजूद लागू नहीं कर रही है, यही योगी सरकार। अब समय आ गया है कि एक जोरदार लात पहले भजपा में मारो, इसके लिए सपा, बसपा, अन्य सभी दलों का सहारा लेकर अपनी पार्टी की जड़ों को मजबूत कीजिये।
 सभी नेताओं को केवल अपने अहम् को त्यागकर, केवल अपनी अपनी लोक सभा और विधान सभा क्षेत्र की जिम्मेदारी लेकर कार्य करने की सोचें तो समाज का भला इसी 2019 के लोक सभा चुनाव तक ही दिखाई देगा।
दिसंबर 2018 में मध्य प्रदेश में चुनाव हो रहे हैं। सभी दलों के नेताओं को अपनी ताकत मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव में जाकर लगाने के लिए निषाद पार्टी का साथ देना चाहिए। जब आप 2 महीने बाद इसी साल मध्य प्रदेश में भाजपा को बुरी तरह से हराकर लौटोगे तो मोदी और अमित शाह की चड्डी ढीली हो जायेगी और जनवरी में आपको आरक्षण लागू करने को भजपा विवश हो जायेगी। एक रात में ही सब कुछ बदल सकता है।
आप जानते हो पूरी दुनिया को रौशनी सूरज से मिलती है लेकिन आग नहीं लग पाती है। अगर उसी सूरज के प्रकाश को आप एक लेंस के सहारे केंद्रित करके किसी लकड़ी पर डालते हैं तो कुछ ही छड़ों में आग लग जाती है।
ऐसे  ही हमारे समाज के लोग सूरज बनकर चमकते तो रहना चाहते हैं, लेकिन आज तक आग नही लगा सके है कि, किसी पार्टी को या सरकार को लगे की अब इस समाज को अधिकार दिए बिना हम इसका सहारा नहीं ले सकते हैं। आज बसपा की सरकार नहीं है, मुस्लिमों की सरकार नहीं है, यादवों की सरकार नहीं है, लेकिन भाजपा की सरकार की हिम्मत नहीं है कि इनके अधिकारों को कम कर दे। एससी एसटी एक्ट की बहाली इसका जीता जाता उदाहरण है। मोदी का मस्जिदों में जाना इसका सच्चा प्रमाण है।
लेकिन निषाद कश्यप आज भी केवट और कहार की भूमिका में इस भाजपा को ढोने के लिए लालयत हैं। मैं कहता हूँ की अगर आप सच्चे निषाद वंशीय 17 जातियों के हितैषी हो तो आज ही अपने अपने दलों को लात मारकर, भाजपा, सपा बसपा के द्वारा आयोजित किये जा रहे पिछड़ा वर्ग सम्मेलनों का वहिष्कार कीजिये। इन सभी दलों को अपने अपने व्यान जारी करके कह दीजिये की हम आज की तारीख में उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति में हैं। योगी मोदी को मक्कारी के कारण हमारा लागू आरक्षण नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि जिस संगठन अम्बेडकर महा सभा ने इन 17 जातियों के आरक्षण को इलाहाबाद हाई कोर्ट में दो बार चुनौती, पहले मुलायम सिंह जी के समय और बाद में अखिलेश यादव के समय दी है वही आज योगी सरकार में अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम का चेयर मैन बनाया हुआ है यानी राज्य मंत्री का दर्ज़ा प्राप्त है।

फोटो में सफेद कुर्ता धारण किये अम्बेडकर महा सभा के अध्यक्ष लाल जी प्रसाद निर्मल जी हैं। और यही कारण है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा की योगी सरकार आज तक इलाहाबाद हाईकोर्ट में इन निषाद वंशीय 17 जातियों के आरक्षण के लिये अब तक सरकार का पक्ष नहीं रख पायी है और न सुनवाई ही करवा पायी है। कारण साफ है, सब मिले है हुए हैं और निषाद वंशीयी को मूर्ख बना रहे हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो, योगी सरकार लाल जी निर्मल प्रसाद को अनुसूचिति जाति वित्त निगम का अध्यक्ष भी नहीं बनाती। अब जब लाल जी निर्मल खुद सरकार में हैं, तो योगी आदित्यनाथ नाथ जी कोर्ट में मछुआ आरक्षण के लिए किस विपक्ष से केश लड़ रहे हैं। अगर ऐसा है तो मछुआ प्रतिनिधि सम्मेलन में योगी जी ने जो वक्तव्य दिया था कि मछुआ आरक्षण कोर्ट के विचारधीन है। इसका मतलब योगी जी मछुआ आरक्षण देना ही नहीं चाह रहे हैं और पूरे उत्तर प्रदेश के मछुआ समाज को और हाईकोर्ट को गुमराह कर रहे हैं ?
     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लालजी प्रसाद निर्मल को उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बता दें लालजी प्रसाद निर्मल आंबेडकर महासभा के अध्यक्ष हैं। पिछले दिनों उनका नाम तब चर्चा में आया था, जब​ उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को दलित मित्र के रूप में सम्मानित किया था।
    आज कल लाखों मछुआरे भाजपा व योगी मोदी को अपना आदर्श मानते हैं। उनको सोचना चाहिए कि आखिर हमारे साथ ही यह भाजपा धोखा क्यों दे रही है ?

इसलिए मैं सभी निषाद वंशीय नेताओं से कहना चाहता हूँ की आपकी मूर्खता से अब तक सभी दल मजबूत होते रहे हैं। अब अपनी अक्ल को केंद्रित करके केवल एक लोकसभा या विधान सभा तक ही लगाने के लिए आगे आइए, पूरा प्रदेश और देश में समाज का हक अधिकार मिल जायेगा। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं अपने स्वार्थ और अहम् के कारण तो समाज का बेड़ा गर्क के लिये भी आप ही जिम्मेदार माने जाओगे।

निषाद वंसज 17 जातियों का भला केवक डॉ. संजय कुमार निषाद जी के फॉर्मूला के आधार पर ही संभव है अन्य तरीके आजमाए जा चुके हैं। क्योंकि सामाजिक संगठन, समाज में केवल मीठे जहर के रूप में कार्य करते हैं। जबकि राजनीतिक पार्टी आपके अधिकार देने का कार्य करते हैं। इस लिए आप सभी अपने अपने दिमाग को किसी मजबूत ताले के लॉकर में बंद करके, अब से लेकर 2022 तक केवल डॉ. संजय कुमार निषाद जी के दिमाग के सहारे कार्य करके देखिये, आपके भले के साथ ही समाज का भी भला हो जायेगा। वरना अपना भला तो आज भी आप कर ही रहे हैं। पहली बार समाज को एक मजबूत क्रन्तिकारी नेतृत्व मिला है। अब आपकी समझदारी है कि आप क्या करते हैं। मैं एक पत्रकार हूँ। पिछलर 35 सालों से समाज के कार्य में जुड़ा हुआ हूँ। 1996 से एकलव्य मानव सन्देश का सम्पादन कर रहा हूँ। अब 2017 की अप्रैल से Eklavya mMana को ऑनलाइन भी करके प्रचार प्रसार में लगा हुआ हूँ।
धन्यबाद
जय निषाद राज
आपका अपना साथी
जसवन्त सिंह निषाद
अलीगढ़