जानिए सच, क्यों उत्तर प्रदेश में निषाद वंशीय 17 जातियों को आरक्षण नहीं दे पा रहे हैं योगी आदित्यनाथ ??


अलीगढ़, उत्तर प्रदेश (Aligarh, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव सन्देश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 27 सितम्बर 2018। जानिए सच, क्यों उत्तर प्रदेश में निषाद वंशीय 17 जातियों को आरक्षण नहीं दे पा रहे हैं योगी आदित्यनाथ ??
मछुआ आरक्षण, को रोकने में सब मिले हैं !
फोटो में सफेद कुर्ता धारण किये अम्बेडकर महा सभा के अध्यक्ष लाल जी प्रसाद निर्मल जी हैं।
ये वही लाल जी हैं, जिन्होंने व जिनके संष्ठान ने मछुआ आरक्षण के खिलाफ कोर्ट में आपत्ति दाखिल की हुई है। 
और यही कारण है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा की योगी सरकार आज तक इलाहाबाद हाईकोर्ट में इन निषाद वंशीय 17 जातियों के आरक्षण के लिये अब तक सरकार का पक्ष नहीं रख पायी है और न सुनवाई ही करवा पायी है।
कारण साफ है, सब मिले है हुए हैं और निषाद वंशीयी को मूर्ख बना रहे हैं।
अगर ऐसा नहीं होता तो, योगी सरकार लाल जी निर्मल प्रसाद को अनुसूचिति जाति वित्त निगम का अध्यक्ष भी नहीं बनाती। जो एक दर्जा प्राप्त मंत्री होता है।
   उत्तर प्रदेश।सरकार कोर्ट व मछुआ समाज दोनों को गुमराह कर रही है। लालजी प्रसाद निर्मल आंबेडकर महासभा के अध्यक्ष हैं !! जिनकी संस्थान अम्बेडकर महा सभा खुद योगी सरकार के खिलाफ मछुआ आरक्षण व 17 जातियो को अनुसूचिति जाति में शामिल करने को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दीए हैं। अब जब लाल जी निर्मल खुद अनुसूचिति जाति वित्त निगम के अध्यक्ष नियुक्त हैं, जिसका तत्यपर्य होता है, दर्ज़ाप्राप्त राज्य मंत्री।
अब जब लाल जी निर्मल खुद सरकार में हैं, तो योगी आदित्यनाथ नाथ जी कोर्ट में मछुआ आरक्षण के लिए किस विपक्ष से केश लड़ रहे हैं। अगर ऐसा है तो मछुआ प्रतिनिधि सम्मेलन में योगी जी ने जो वक्तव्य दिया था कि मछुआ आरक्षण कोर्ट के विचारधीन है। इसका मतलब योगी जी मछुआ आरक्षण देना ही नहीं चाह रहे हैं और पूरे उत्तर प्रदेश के मछुआ समाज को और हाईकोर्ट को गुमराह कर रहे हैं ?
     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लालजी प्रसाद निर्मल को उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बता दें लालजी प्रसाद निर्मल आंबेडकर महासभा के अध्यक्ष हैं। पिछले दिनों उनका नाम तब चर्चा में आया था, जब​ उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दलित मित्र के रूप में सम्मानित किया था।
    आज कल लाखो मछुआरे भाजपा व योगी मोदी को अपना आदर्श मानते हैं। उनको सोचना चाहिए कि आखिर हमारे साथ ही सभी लोग धोखा क्यों करते हैं ?
      भाजपा में शामिल मछुआ समाज के नेताओं में जरा भी अपने समाज को लेकर नैतिकता है तो समाज में वोट माँगने आएंगे नहीं आएंगे और अब नाही मछुआ प्रतिनिधि जैसे सम्मेलन कर समाज को गुमराह करेंगे। यह कहना है भाजपा दिल्ली प्रदेश मछुआ प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र निषाद जी का।

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