छेड़छाड़ व पाँस्को ऐक्ट के मुकदमे में लापरवाही बरतने पर सीओ छाता को 6 माह की सजा

मथुरा, उत्तर प्रदेश (Mathura, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव सन्देश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 20 सितम्बर 2018। मथुरा में अदालत ने गुरुवार को छेड़छाड़ और पाँस्को ऐक्ट के मुकदमे में लापरवाही बरतने पर सीओ छाता को 6 माह की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सोओ पर एक हजार रुपये जुर्माना तय कर गैर जमानती वारंट जारी किया है।
     सेवानिवृत्त से 40 दिन पहले सीओ छाता चंद्रधर गौड़ को छह माह की सजा और एक हजार रुपये का जुर्माना लगने के निर्णय से पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है। उनका नपना तय माना जा रहा है। सीओ अब बचाव के लिए हाईकोर्ट की दौड़ लगाने की तैयारी कर रहे हैं।
      प्रदेश के गृह सचिव को पत्र लिखकर कार्यमुक्त करने को कहा और एसएसपी बबलू कुमार को जांच अन्य सीओ से कराने के आदेश किए। 30 अक्तूबर को सीओ चंद्रधर गौड़ रिटायर्ड हो जाएंगे। हालांकि अभी तक सीओ अपने पद पर बने हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो सीओ शनिवार को हाईकोर्ट में दस्तक दे सकते हैं। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि आदेश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
    मथुरा के अपर जिला जज पाँस्को कोर्ट के एडीजीसी प्रचीन कुमार सिंह ने बताया कि छाता कोतवाली में एक छेड़छाड़ पीडित नाबालिग की रिपोर्ट दर्ज न करने पर एसएसपी ने आदेश दिए थे, तब उसकी रिपोर्ट दर्ज हूई थी । इसकी सुनवाई करते हुए पाँस्को कोर्ट के जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने इसमें लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन दोनों मुकदमा की विवेचना सो ओ छाता चंद्रधर गौड़ कर रहे थे। इसमें पुलिस द्वारा लापरवाही बरतने पर कार्ट ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के आदश दिए थे। इस पर पीडिता को कोर्ट लेकर पहुंचे सीओ उसे छाड़कर चले गए। पीडिता ने कार्ट को बताया था कि पुलिस ने उसके झूठे बयान दर्ज कर कोर्ट में भी बही बयान देने का दबाब बनाया है। कोर्ट ने सोआ को पिछले दिनों नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था।
    गुरुवार का आरोपी ईश्वर दयाल को कोर्ट में पेश कर सीओ ने स्पष्टीकरण दिया, लेकिन वे कोर्ट को संतुष्ट नहीं कर सके। इस पर कोर्ट ने सीओ को एसओ को बचाने, पीडिता के बयान न कराने, अभियुक्त न पकडे जाने का आरोपी मानकर 6 माह कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
    इससे पूर्व भी कोसी, छाता सहित विभिन्न मामलों में सीओ चंद्रधर गौड़ अवैध रूप से कार्य करने और भूमाफियाओं से साठगांठ के आरोप लगते रहे हैं। इस सूचना से समस्त पुलिस महकमे में बेचैनी बढ गई है।