2019 में अरक्षण और एससी, एसटी एक्ट बचाने के लिए एससी, एसटी, ओबीसी के प्रत्याशियों को ही वोट करें- डॉ. संजय निषाद

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश (Gorakhpur, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव सन्देश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो ररिपोर्ट, 6 अक्टूबर 2018। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामना डॉ. संजय कुमार निषाद ने अपने एक व्यान में भाजपा की 2019 के चुनाव जीतने की रणनीति के बारे में एससी, एसटी और ओबीसी के लोगों को सचेत करते हुए सावधन रहने के लिए कहा है। डॉ. संजय कुमार निषाद का मानना है कि मोदी जी की रणनीति ये है कि छः महीने तक अर्थात लोकसभा चुनाव तक एससी, एसटी का वोट लेने केलिए यह एक्ट रखो। चुनाव जीतने के बाद फिर एससी, एसटी एक्ट और आरक्षण दोंनो खत्म कर देंगे। यह बात सभी सवर्णों को व्यक्तिगत बताई जायेगी। और सवर्ण समाज इस बात को स्वीकार कर लेगा। क्योंकि भाजपा में सभी उच्च पदों पर सवर्ण हैं तो उन तक यह बात आसानी से पहुंचा सकते हैं।
      अब इसबात का प्रमाण क्या है, उसके लिए मैं एक बात बताता हूं जो इस शक को सत्य में बदल देगी।
      अभी सवर्ण समाज एससी, एसटी एक्ट और आरक्षण का बहुत विरोध कर रहा है, भारत बन्द कर रहा। कह रहा है कि भाजपा को वोट देना बहुत बड़ी गलती थी। हम तो भाजपा को आरक्षण और एससी, एसटी एक्ट और आरक्षण खत्म करने केलिए लाये थे। लेकिन भाजपा और मोदी तो हमारा ही नुकसान कर रहे हैं। ओबीसी के संघठन को संवैधानिक मान्यता देदी, ओबीसी की जनगणना करना चाहते हैं, जिसके बाद ओबीसी का आरक्षण बढ़ने की सम्भावना है, एससी, एसटी एक्ट को मजबूत कर दिया। मतलब सवर्णों का बहुत नुकसान कर दिया इसने।
      अब विचार कीजिये कि इतना नुकसान हो गया सवर्णों का, तो इन्हें भाजपा की बुराई करनी चाहिए, भाजपा को वोट नहीं देना चाहिए। अगर फिर भी सवर्ण समाज भाजपा का प्रचार कर रहा है और भाजपा को 2019 में वोट देता है तो समझ लेना चाहिए कि दाल में कुछ काला है या फिर पूरी दाल ही काली है। और उसका कारण यही है कि भाजपा और मोदी सवर्णों को व्यक्तिगत आश्वासन दे रहे हैं कि 2019 जीतने के बाद एससी, एसटी एक्ट और आरक्षण दोंनो समाप्त कर देंगे।
      अब एससी, ओबीसी को फैसला करना है कि भाजपा ने जो एससी, ओबीसी के पक्ष में फैसले लिऐ हैं और उन्हें स्थाई रखना है तो भाजपा को 2019 में जीतने से रोकना होगा। इसके लिए एससी, ओबीसी के प्रत्याशी को ही वोट देकर 2019 में जिताना होगा। क्योंकि एससी, एसटी, ओबीसी तथा सवर्णों के हित एक दूसरे के विपरीत हैं। अर्थात एक का नुकसान होगा तभी दूसरे का फायदा होगा। इसलिए सावधान रहें !! 2019 में अगर सवर्ण भाजपा का प्रचार करते हैं और वोट देते हैं तो निश्चित ही चुनाव के बाद एससी, एसटी एक्ट और आरक्षण दोंनो समाप्त होने वाले हैं !! इसलिए 2019 में अरक्षण और एससी, एसटी एक्ट बचाने के लिए एससी, एसटी, ओबीसी के प्रत्याशियों को ही वोट करें।