इलाहबाद का नाम कहां-कहां से मिटाएंगे ??

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश (Gorakhpur, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव सन्देश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 18 अक्टूबर 2018। इलाहाबाद का नाम कहां-कहां से मिटाएंगे ?? यह कहना है गोरखपुर सांसद ईं.प्रवीण कुमार निषाद का। प्रवीण निषाद ने कहा है कि हाई कोर्ट से लेकर, स्वाधीनता संग्राम तक छाया है, अमरूद से लेकर हाईकोर्ट तक यश फैला है इलाहाबाद नाम का ! इलाहाबाद के राजा प्रयागरज निषाद, तीर्थराज निषाद , शृंगी ऋषि थे। आगे कहा है कि
सच में संघी पक्के उल्लू हैं।
नया शहर बसा नहीं पाते।
नया पार्क बना नहीं पाते।
निषाद को आरक्षण दे नहीं सकते।
पुराने नामों को ही अदल-बदल करते रहते हैं !
 
     देश में मोदी सरकार जब से सत्ता पर बैठी है तब से देश की हालत ख़राब हैं। गरीबी, बेईमानी, कालाबाज़ारी और महंगाई को खत्म करने की चुनावी कसमें खाने के बाद जीत हासिल करने वाली बीजेपी ने अम्बानी, अडानी के लोन माफ़ करने और देश वासियों का खून निचोड़ने के अलावा कोई दूजा काम नहीं किया है।