सावधान आत्माराम निषाद जी की धोखे से बनाई वीडियो से कुछ लोग समाज में गलत संदेश देना चाहते हैं

अलीगढ़, उत्तर प्रदेश (Aligarh Uttar Pradesh), एकलव्य मानव सन्देश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 29 अक्टूबर 2018। हर माह 5000 बेटियों की पढ़ाई के लिए देने की बात 27 अक्टूबर 2018 को कानपूर देहात के सिकंदरा में आयोजित सभा के बाद, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामना डॉ. संजय कुमार निषाद साहब ने कही थी और इसी के लिए 2 चेक 5-5 हज़ार के 2 महीने के लिए गए थे। और सभा में जितना भी माला के रूप में डॉ संजय कुमार निषाद जी को मिला था वो सार्वजनिक रूप से तुरंत आत्मा राम जी को दे दिया गया।
   आत्मा राम जी को 10000 हज़ार रुपया निषाद पार्टी की राष्ट्रीय स्तर की हर सभा में देने की बात, दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित निषाद पार्टी की विशाल अरक्षण रैली के बाद 10000 रुपया भेंट करने के बाद 27 मार्च 2018 को माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद जी ने कही गई थी क्योंकि उस दिन आत्मा राम निषाद जी को निषाद पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया था। उसके बाद व्खिईर शहीद अखिलेश निषाद के नाम पर ट्रस्ट बनाने के लिए 40000 हज़ार रुपये 28 मार्च 2017 को इटावा में राघवेंद्र सिंह निषाद जी के घर पर नकद राष्ट्रीय अध्यक्ष महामना डॉ. साहब ने जाकर खुद आत्मा राम निषाद जी को दिए थे। ट्रस्ट बनाने, पैन कार्ड बनबाने, खाता खुलवाने, आर ओ सी से रजिस्ट्रेशन कराने में ही 5 महीने लग गये। और जब ट्रस्ट का खाता खुल गया तो पहली सभा लखनऊ में अगस्त 2017 में हुई थी जिसमें आत्माराम जी को बुलाया गया था। आत्मा राम जी को सीपी जी लेकर गए थे। पंकज और राघवेंद्र जी अपनी गाड़ी में नहीं ले गए थे।
जब सभा में आत्मा राम जी को सम्मानित करके रूपये देने के लिये राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने बुलाने को कहा तो आत्मा राम जी मंच पर नहीं थे, बहार निकल गए थे। मैंने खुद सीपी जी से पूंछा था कि आत्मा राम जी कहाँ हैं। तो सीपी जी ने कहा मुझे नहीं मालूम। मैंने भी सोच लिया की शायद पंकज और राघवेंद्र भी दिखाई नहीं दे रहे हैं, तो हो सकता है कि उनके साथ ही चले गए हों। लेकिन डॉ साहब ने भरी सभा में कहा कि अब अखिलेश निषाद के नाम पर ट्रस्ट बन गया है इसलिये आप सभी उसमें सहयोग करें और ट्रस्ट का खाता हमने एकलव्य मानव सन्देश की वेवसाइट पर डाला हुआ है। जो आज भी दान की अपील के विज्ञापन के रूप में चल रहा है।
उसके बाद आत्मा राम जी को 30 जुलाई 2018 को गोरखपुर की रैली में बुलाया गया था। और जिलाध्यक्ष औरैया उनको लेकर गोरखपुर लेकर गए थे और 10 हज़ार का चेक आत्मा राम जी को दिया गया और कहा हर महीने 10000 का चेक दिया जायेगा।
उसके बाद अब 27 को 5-5 हज़ार के 2 चेक फिर दिये गये इस लिये कि बेटियों की पढ़ाई हो सके।
   असली मुद्दा जो है वो आत्मा राम जी के सहारे राघवेंद्र और सीपी जी अपनी-अपनी रोटी सेकने के लिए लगे रहकर परेशानी खड़ी करते हैं। ये अपनी खातिर आत्माराम जी को को लेजाकर 28 जून 2018 से पहले जय प्रकाश निषाद और आनंद निषाद से मिले और बाद में अब अपर्णा के सहारे ओमप्रकाश राजभर से लग गए। और इससे डॉ संजय कुमार निषाद जी दिल में ये अविष्वास पैदा करने की कोशिश करते रहते हैं।
आत्मा राम जी को 10000 हर सभा में देने की बात 27 मार्च 20187 को करने के बाद निषाद पार्टी के कार्यक्रम में आत्मा राम जी 18 बार नहीं गये। अगस्त 2017 में लखनऊ, निषाद जयंती 2018 को श्रृंगवेरपुर, 30 जुलाई 2018 को वीरांगना फूलन देवी सहादत दिवस गोरखपुर चम्पा देवी पार्क, और अब सिकंदरा में 27 अक्टूबर 2018 को पहुंचे हैं इनमें से 27 मार्च 2017 को दिल्ली, 31 जुलाई 2018 को गोरखपुर, 27 अक्टूबर 2018 को कानपुर देहात सिकंदरा में इनको पैसा मिला है।
ऑगस्त 2017 में (आत्मा राम जी मंच पर नहीं रहे और बाद में आत्मा राम जी से ही पता चला कि वे सीपी जी की ही गाड़ी में अपने घर वापिस आये और सीपी जी ने उनको यह नहीं बताया कि आपको मंच पर डॉ संजय कुमार निषाद जी पुकार रहे थे) और निषादराज जयंती कार्यक्रम श्रृंगवेरपुर इलाहबाद 2018 में पैसा नहीं मिला ( डॉ संजय कुमार कार्यक्रम में आयोजकों ने खर्च ज्यादा कर दिया था)। यही सच्चाई है। अब आप इसके बाद आत्मा राम जी से खुद जाकर मिलकर मेरी बातों को तस्दीक करलें।
असल में सीपी और राघवेंद्र व पंकज की बारात के आत्मा राम जी दूल्हा हैं और अगर आत्मा राम जी इनका साथ नहीं देंगे तो इन बारातियों को कोई भी विरोधी पार्टियां ढंग से दावत नहीं खिलाएंगी।
   बहुत ही दुःखद जानकारी आपके लिए में दे रहा हूँ कि इन लोगों ने अपने गाओं में भी आत्मा राम जी का जो उत्पीड़न हुआ है उसमें मजबूती से साथ नहीं दिया है। गाओं के ही एक रिटायर्ड निषाद फौजी ने अखिलेश निषाद के नाम पर आत्मा राम निषाद जी द्वारा संचालित विद्यालय को फ़र्ज़ी शिकायत पर बंद करा दिया गया इनके द्वारा कोई साथ नहीं दिया गया। उसी फौजी ने आत्मा राम जी पर झूँठा लूट का मुकद्दमा लगाया गया था, उसमें कोई साथ नहीं दिया गया। आत्मा राम जी को भाजपा समर्थक निषाद ग्राम प्रधान ने पुलिस से आतमराम जी को थाने पहुंचा कर पिटाई करा दी, किसी ने प्रधान का विरोध नहीं किया। ये सभी घटनाएं अप्रैल 2017 से लेकर जून 2018 के बीच में ही हुई हैं। और भी बहुत सी बातें हैं। जिनकी जानकारी समाज को समय समय पर जरुरत पड़ने पर दी जाती रहेगी।
   समाज में कोई भी कितना भी बड़ा क्यों न हो राष्ट्रीय अध्यक्ष और निषाद क्रांति के मशीहा डॉ.,संजय कुमार निषाद जी की बुराई करके कभी भी बड़े नहीं बन सकते हैं।
आओ एक संकल्प लें-जब तक निषाद पार्टी की उत्तर प्रदेश में सरकार नहीं बन जाती है तब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष महामना डॉ. संजय कुमार निषाद जी के हर फैसले में उनका जी जान से साथ देंगे। व्यक्ति नहीं पार्टी को प्राथमिकता देंगे। अमर शहीद अखिलेश निषाद के परिवार की सभी लोग तन मन धन से मदत करेंगे।
आप सभी से अपील की जाती है कि आप अपनी छमता के अनुसार वीर शहीद अखिलेश निषाद के परिवार की आर्थिक मदद के लिये उनके ट्रस्ट के खाते में चेक या ऑनलाइन सहयोग राशि भेजें।

 वीर शहीद अखिलेश निषाद स्मारक ट्रस्ट 
चालू खाता संख्या 3650662893,
आईएफएस कोड संख्या CBIN0282961
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, शाखा हनुमंतपुर(लखना), इटावा, (उत्तर प्रदेश)।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें-श्री आत्माराम निषाद (पिता स्वर्गीय अखिलेश कुमार निषाद), मड़ैया दिलीप नगर, इकनौर, इटावा,(उत्तर प्रदेश), 206127,
मोबाइल नंबर-9568580498
निषाद वंशीय जातियों(मल्लाह, केवट, धीवर, कहार, तुरैहा, कश्यप, रायकवार, बाथम, गौंड, आदि ) के आरक्षण के लिए 7 जून 2017 को मगहर (गोरखपुर और संत कबीर नगर की सीमा पर) में हुए रेल रोको आंदोलन में अपने प्राण न्योछावर करने वाले एकमात्र वीर शाहीद अखिलेश सिंह निषाद(अपने पिता की तीन बेटियों के बीच एक मात्र पुत्र) के नाम पर बनने वाले विद्याल के सहयोग के लिए अपनी सहायता राशी नीचे दिए गए खाते में जमकर सहयोग प्रदान करें। वीर अखिलेश सिंह निषाद खुद अपनी बीएससी की पढ़ाई के दौरान ही राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद का कार्य करने के साथ गांव में ही स्थित एक मंदिर पर अपने तीन साथियों के साथ मिलकर गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए विद्यालय भी चलाते थे। आपके बच्चों की खातिर अपनी जान गवाने के शहीद अखिलेश सिंह निषाद के पिता ने उनकी समाधि के समीप ही अपने खेत को भी विद्याल बनाने के लिए देकर एक और नेक कार्य किया है। और समाज से प्राप्त हुई सहयोग राशि से एक तीन कमरों का निर्माण भी कराया है। लेकिन अभी विद्यालय को पूरा और व्यवस्थित करने के लिए व एक आईटीआई निर्माण के लिए अधिक धन की आवश्यकता है। इसलिए राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के गर्भ से निकली निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल ( N.I.S.H.A.D. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामना डॉ. संजय कुमार निषाद ने अपील की है कि आप सभी लोग अपनी क्षमता अनुसार इस नेक कार्य में आर्थिक सहायता प्रदान करके शहीद अखिलेश सिंह निषाद के सपनों को साकार करने के लिए उनके नाम से बने ट्रस्ट के खाते में सीधे सहायता राशि ऑनलाइन या चेक या आरटीजीएस के द्वारा जमा करने की कृपया करें। आपको और हमको जान नहीं देनी है केवल अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान करनी है धन्यवाद।
निवेदक-एकलव्य मानव संदेश परिवार

 जय निषाद राज
वीर शहीद अखलेश निषाद अमर रहे।
महामना डॉ संजय कुमार निषाद जिंदाबाद।
निषाद पार्टी जिन्दाबाद।
संपादक
व राष्ट्रीय सचिव निषाद पार्ट
जसवन्त सिंह निषाद
अलीगढ़।
मो./व्हाट्सएप नं 9219506267


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