अतरौली के मुस्तकीम और नौशाद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की जानकारी करने पहुंची टीम पर हुआ जनलेवा हमला

अतरौली, अलीगढ, उत्तर प्रदेश (Atrauli, Aligarh, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव सन्देश (Eklavya Manav Sandesh) रिपोर्टर राहुल कश्यप की रिपोर्ट, 7 सितम्बर 2018। अतरौली के मुस्तकीम और नौशाद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की जानकारी करने पहुंची टीम पर हुआ जनलेवा हमला।
     सपा की पूर्व प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक पर अतरौली में पथराव हुआ। बीजेपी-बजरंग दल और भगवाधरियों कार्यकर्ताओं ने किया जानलेवा हमला, बाल बाल बची। पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची थीं शनिवार को अलीगढ़।
      एनकाउंटर पीड़ित परिवार से मिलने अतरौली, अलीगढ़ पहुंची सपा की पूर्व प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक पर हमला हुआ है। कुछ लोगों को चोट आई है। तीन चार पहिया वाहन भी तोड़ दिए गए हैं। पंखुड़ी  पाठक का आरोप है कि पीड़ित परिवार की कुछ महिलाओं को भी गायब कर दिया गया है।
      शनिवार 6 दिसम्बर को दोपहर अलीगढ़ एनकाउंटर में मारे गए नौशाद और मुस्तकीम के परिवार से मिलने अतरौली गई थी। जब मैं अतरौली परिवार के घर के पास पहुंची तो वहां 40-50 लोग जो गले में भगवा गमछा डाले पहले से खड़े हुए थे, वो बजरंग दल वाले मालूम हो रहे थे। ऐसा लग रहा था कि जैसे हमारे आने के बारे में उन्हें पहले से पता था। पीड़ित परिवार की तीन महिलाओं को पुलिस ने पहले ही गायब कर दिया था।
   इसी दौरान कुछ लोग और आ गए। उन्होंने गंदी भाषा का इस्तेमाल शुरु कर दिया। जब मैंने भाई कहते हुए उनसे बात करनी चाही तो उन्होंने हमला कर दिया। हमारे कई लोगों को चोट आई है। एक का सिर फट गया है। हमारी तीन कार तोड़ दी गईं। उन लोगों ने पथराव शुरु कर दिया। उनके हाथ में गन, चाकू और डंडे थे। वहां 10-12 सादा कपड़ों और वर्दी में पुलिस वाले भी खड़े हुए थे।  लेकिन वो शांत खड़े हुए थे। मेरे हाथ जोड़कर ये कहने पर कि वो लोग हमारे साथियों को मार देंगे, उन्हें बचा लिजिए, तब वो बीच में बोले। उसके बाद हम वहां से भाग लिए। मैंने 100 नम्बर पर पुलिस को भी सूचना दे दी है। थाने में भी बजरंग दल वाले इकट्ठा हो सकते हैं, इसीलिए मैं थाने नहीं गई और सीधे दिल्ली जा रही हूँ।
      इस बारे में सर्किल अफसर (सीओ), अतरौली प्रशांत सिंह का कहना है कि, पंखुड़ी पाठक की ओर से थाने पर कोई सूचना नहीं दी गई है। 100 नम्बर पर हाथापाई की सूचना है पथराव की बात गलत है किसी के चोट नहीं आई है सिर्फ गाड़ियों के शीशे टूटे हैं महिलाएं गायब नहीं हैं उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट ले जाया गया था। क्या पुलिस घटनास्थल पर पहले से तैनात थी या नहीं इस सवाल को सुनने के बाद उन्होंने फोन काट दिया।

      https://youtu.be/Y1keCt8NhBA

     लेकिन पंखुड़ी पाठक द्वारा बनाई गई इस वीडियो में घटना स्थल की पूरी वारदात का अंजाम पूरी तरह से साफ-साफ दिख रहा हैं ये सब कुछ पुलिस की निगरानी में हुआ है और साजिश के तहत हुआ है। इस बात को समझना होगा कि भाजपा के वो कौन नेता हैं जिसके कारण इस घटना को साजिश के तहत अंजाम दिया गया।
क्या वाकई आपको लगता हैं, भाजपा बेटी बचाओ का सपना बखूबी से पूरा कर रही है ?? (साभार सोशल मीडिया)