ओबरा-चोपन नगर क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था बेपटरी

ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश (Obra, Sonbhadra, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव सन्देश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो चीफ राम विलास निषाद की रिपोर्ट, 24 अक्टूबर 2018। सोनभद्र जनपद के ओबरा-चोपन नगर क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। इस पर कार्ड धारकों ने आक्रोश जताया और जिलापूर्ति विभाग की कार्य प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाया।
    उपभोगताओं का कहना है कि क्षेत्र के कोटेदारों द्वारा बड़े पैमाने पर खाद्यान्न की हेराफेरी की जा रही है। राशन की दुकानों पर धांधली रोकने के लिए बायोमेट्रिक मशीन व तरह-तरह के नियम बनाकर नकेल कसने की कोशिश किये जाने के बाद भी विभागीय मिलीभगत से कोटेदार उपभोक्ताओ के हक के राशन से खिलवाड़ कर रहे हैं और उपभोक्ता राशन से वंचित हो जाते है।
    स्थिति इतनी बदतर हो गई हैं कि उपभोक्ता का अंगूठा (फिंगर ) बायोमेट्रिक मशीन से नहीं लिया तो कोटेदार राशन नहीं देता है। लेकिन कोटेदारों को उपभोगताओं का खाद्यान्न जिला पूर्ति विभाग निकासी करता रहता है। तो कोटेदारों के पास बायोमेट्रिक मशीन में उपभोक्ताओं एवं परिवार यूनिट होता है। लेकिन कोटेदारों के वितरण केंद्र पर बायोमेट्रिक  मशीन में कार्डधारक सूची से कुछ कार्ड धारकों की हेराफेरी कर दिया जाता है और इसको लेकर आयेदिन दुकानदार और उपभोगताओं के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
    उपभोक्ता ममता साहनी, अनीता सिंह, मुन्नी देवी, संगीत देवी आदि ने अपनी परेशानी बताई है। इस के साथ ही यूनिट के हिसाब से प्रति कार्ड चार से पांच किलो राशन कम दिये जाने की बात आम हो गई है।
    जिलापूर्ति विभाग एवं कोटेदार मिलकर सरकार की कार्ययोजना पर पानी फेर रहे हैं। आलम यह है कि ओबरा-चोपन में कार्ड निरस्त होने या अन्य तरीके से डरा धमकाकर व गुमराह कर कोटेदार उपभोगताओं से बायोमेट्रिक मशीन में अंगूठा लगवाकर उनके हिस्से का राशन गटक जा रहे हैं। उपभोगताओं ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट करते हुए इस सबंध में तत्काल आवश्यक कदम उठाये जाने की मांग की है।