11 नवम्बर के समाचार फतेहाबाद आगरा से

फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश (Fatehabad, Agra, Utyr Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) रिपोर्टर संजय सिंह निषाद की रिपोर्ट, 11 नवम्बर 2018।
      अज्ञात वाहन की चपेट में आकर अधेड की मौत

आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे के फतेहाबाद थाना क्षेत्र के पतैयापुरा के सर्विस रोड तथा अंडरपाथ के पास रविवार तडके अज्ञात वाहन की टक्कर से एक अधेड की मौत हो गयी। परिजनों को घटना की जानकारी मिली तब उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पीएम के लिए भेज दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पतैयापुरा निवासी राम सिंह निषाद उर्फ पप्पी पुत्र रामरतन रविवार सुबह करीब 5 बजे बीड़ी लेने के लिए जा रहा था। अचानक एक्सप्रेस वे के सर्विस रोड पर पीछे से आये अज्ञात वाहन से उसमें टक्कर मार दी तथा भाग गया। दुर्घटना में राम सिंह 40 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गयी। थोडी देर बाद वहां से निकलने वाले कुछ लोगों ने शव को पडा देखा तो राम सिंह के ‌परिजनों को इसकी जानकारी दी। घटना की सूचना मिलते ही फतेहाबाद पुलिस पहुंच गयी तथा शव ‌को पीएम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई खेमचंद की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

   फतेहाबाद के ग्राम साहवेद में जलभराव से परेशान है ग्रामीण, शिकायतों के बावजूद नहीं मिल पा रहा छुटकारा

     फतेहाबाद विकासखंड के ग्राम साहवेद के उप ग्राम घेर में भारी जलभराव के चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है जिसके चलते लोगों को उसी संक्रमित पानी में पैर रखकर निकलना पड़ रहा है। कई बार ग्रामीणों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की है, परंतु उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इसी वर्ष मई माह में ग्राम साहवेद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दौरा  किया था।
        सड़क के क्षतिग्रस्त होने से नालियों का गंदा पानी बह रहा है। जिससे सड़क पर गंदगी का आलम है। स्कूल जाने वाले बच्चों को उसी गंदगी से निकलना पड़ता है। कभी-कभी बच्चे फिसल कर चोटिल भी हो जाते हैं। गांव के भंवर सिंह पुत्र चतुर सिंह ने उप जिला अधिकारी को  एक शिकायत पत्र भेजा था परंतु समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
      रविवार को गांव की महिलाएं और बच्चों ने उसी गंदे पानी में खड़े होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। ग्रामीणों का कहना है इस गांव से विकास की किरण काफी दूर है।जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। जिसके चलते ग्रामीणों का जीवन संकट में है। कभी भी भयंकर संक्रामक रोग ग्रामीणों को अपनी चपेट में ले सकते हैं।

      किसानों को खून के आंसू रूला रही है गोभी की फसल, बाहर भेजने पर हो रहा है घाटा
     
      फतेहाबाद क्षेत्र में इन दिनों किसानों को गोभी की फसल खून के आंसू रूला रही है। फसल में किसानों को लागत मूल्य तो दूर ‌की बात, घाटा और हो रहा है। जिसके चलते किसान गोभी को फेंकने पर मजबूर हो रहे हैं। क्षेत्र में आलू का रकवा अधिक होने के कारण किसान अपने गोभी के खेतों को खाली करके आलू की बुआई कर रहे हैं। जिसके चलते मंडियों में गोभी की आवक तेजी से बढी है। जिसके चलते गोभी का भाव धडाम से नीचे जा गिरा है। खुले बाजार में गोभी की कीमत 3 रूपये किलो तथा गोभी की आढत में इसकी कीमत 1 से 1.5 रूपये प्रति दर से बिक रही है। बहुतायत में गोभी का आवक के कारण मंडी के आढती भी इसे लेने से परहेज कर रहे हैं। क्षेत्र के बडे किसान गोभी की गाडियों को लोड कर गोरखपुर तथा दिल्ली की मंडियों में भेज रहे हैं। सारंगपुर निवासी किसान राम सिंह का कहना है कि उसने 20 बीघा जमीन में गोभी की फसल की थी, जिसमें से अभी आधी गोभी बाजार में आयी है। जिसका मंडी तक लाने का भाडा भी नही निकल रहा। वह बाकी गोभी को खेत में जुतवाने का मन बना चुके हैं। जिससे कम से कम भाडे की तो बचत होगी। वहीं दूसरे किसान रामदुलारे का कहना है कि उसने 150 पैकेट गोभी गोरखपुर मंडी भेजे थे जहां गोभी कि बिक्री के बाद खर्चा काटकर 500 रूपये अपनी जेब से भरकर गाडी का भाडा चुकाया। मंडी के आढतियों तथा किसानों का मानना है कि आगामी सालग के सीजन में गोभी की कीमत में सुर्खी आने की संभावना है। वहीं किसानों ने सरकार से गोभी खरीदने की भी अपील की।