आप भी जानें नोट बंदी की हकीकत

अलीगढ़, उत्तर प्रदेश (Aligarh, Uttar Pradesh),  एकलव्य मानव सन्देश (Eklavya Manav Sandesh) सोशल मीडिया ब्यूरो रिपोर्ट, 10 अक्टूबर 2018। नोटबंदी की वजह से नये नोटों की छपाई पर 7965 करोड़ रुपये खर्च हुए थे तो पता ही था। वायुसेना को नोटों की ढुलाई का बिल 29.41 करोड़ भुगतान किया गया था।
    कैशलेस के लिए चीन से आईओएस मशीनें मंगवाने पर और नए नोटो के साइज के माफिक एटीएम मशीनों को बदलने पर कितना खर्च हुआ, अभी तक इसका खर्च नहीं मालूम है।
   चंद बड़े अमीरों को और अमीर बनाने के लिए एक मंदबुद्धि ने हमारे आपके कुल 7994.41 करोड़ सिर्फ छोटे साइज के नोट छापने में खर्च कर दिए।
  छोटे साइज के नोट इसलिए कि काले धन के जमाखोरों को कोई दिक्कत न हो। नोटबन्दी के बाद 99.3 फीसदी पैसा बापस आ गया, वहीं कैश भी 2016 के मुकाबले ज्यादा ही चलन में है, यानी न तो काला धन खत्म हुआ,और न ही इकॉनमी कैशलेस हुई। फिर भी इस देश के धूर्त नेता और उनके मूर्ख भक्त आज भी ये मानने को तैयार नहीं कि नोटबन्दी त्रासदी से कम नहीं थी। न आतंकवाद खत्म हुआ, न कश्मीर की पत्थरबाजी पर कोई लगाम लगी और न ही नक्सलियों की कमर टूटी।
    यूपीए सरकार के समय एनपीए 2.5 लाख करोड़ रुपये था जो आज 12.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। नोटबन्दी से सिर्फ अर्थव्यवस्था की कमर टूट गयी। छोटे और मझोले व्यापारियों को आत्महत्या तक की नौबत आ गयी है।
कई स्माल इंडस्ट्री बन्द हो चुकी हैं। मजदूर वापस अपने गांव लौट आये हैं।
    कुल मिलाकर ये कह सकते हैं कि नोटबन्दी एक महामूर्ख नौकर का अपने मालिको के निर्देश पर उठाया गया सोचा समझा कदम था, जिसका लाभ सिर्फ संघ और बीजेपी के खजाने को भरना था और सेठों का काला धन सफेद करना था। भविष्य में कभी ईमानदारी से जांच हुई तो जान लीजिए, नोटबन्दी आजाद भारत का सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला साबित होगा। बीजेपी का आलीशान दफ्तर और बैंको का 95 हजार करोड़ कर्ज लेकर भाग जाने वाले 31 उद्योगपति इसका उदाहरण हैं।
    दिमाग पर जोर डाल कर विचार कीजिये कि आपके जानने वाला कोई मोटा सेठ, बड़ा अफसर, नम्बर दो वाला बाबू, किसी मठ मंदिर का महंत, पुजारी, किसी बड़ी मस्जिद का मौलाना, इमाम बैंक एटीएम की लाइन में लगा था क्या ?
याद रखिये, इरादे तो उस बंदर के भी नेक थे, जिसने मक्खी मारने के चक्कर में राजा की नाक पर तलवार चलाई थी। (Shashi Bhushan  Wall post से दिनेश कुमार सहानी के द्वारा साभार प्रेषित)

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