जौनपुर में निषाद मझबार अरक्षण के लिए गिरफ्तार हुए आंदोलनकरी जेल से हुए रिहा

जौनपुर, उत्तर प्रदेश (Jaunpur, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो चीफ प्रदीप कुमार निषाद की रिपोर्ट, 27 नवम्बर 2018। निषाद (मझबार) आरक्षण महा आंदोलन के सिलसिले में कुछ दिनों पहले पेशी के दौरान गिरफ्तार हुए निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) के तीन पदाधिकारी, रामभारत निषाद (प्रांतीय अध्यक्ष, निषाद राज प्रान्त),अरविंद निषाद (यू.मो.जिलाअध्यक्ष) और मुनिब निषाद (जिला सचिव) आज 26 नवम्बर की शाम 07 बजे जेल से रिहा हुए। रिहाई की इस खुशी के में जौनपुर निषाद पार्टी व राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद संगठन के पदाधिकारियों ने उनका माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया।           
       आंदोलनकारियों के स्वागत में सैकड़ों समर्थक उपस्थित रहे। इस अवसर पर जेल से रिहा हुए रामभारत निषाद (प्रांतीय अध्यक्ष, निषाद राज प्रान्त), अरविंद निषाद (यू.मो.जिलाअध्यक्ष) और मुनिब निषाद (जिला सचिव), तीनों आंदोलनकारी पदाधिकारियों ने कहा जब तक हमारा आरक्षण नहीं लागू होगा, तब तक हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। मरते दम तक ख़ून का एक-एक क़तरा निषाद पार्टी के नाम रहेगा ।
    क्यूं हुई थी गिरफ्तारी
इतिहास गवाह है मछुआ समुदाय की कहानी ही है जेल की ज़ुबानी आदोलनकारी राम भारत निषाद के साथ साथियों का कहना है हमारे पुरखे वीर क्रांतिकारियों ने अपने जान की बाज़ी लगा कर मछुआ समुदाय के अधिकारों को अधिकार की किताबों मे लिखवाया है। उन अधिकारों को लेना ही जीवन का लक्ष्य है।
      पिछले 7 जून 2018 को मछुआ समुदाय के आरक्षण आंदोलन में ट्रेन रोकने पर कुछ आंदोलनकारीयों को योगी सरकार के दबाव में कारवाई होने की वजह से जौनपुर के नरेश, युवाओं की धड़कन, तीन पदाधिकारी रामभारत निषाद (प्रांतीय अध्यक्ष, निषाद राज प्रान्त), अरविंद निषाद (यू.मो.जिलाअध्यक्ष) और मुनिब निषाद (जिला सचिव) को जेल भेजा गया था ।
     इस मौके पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण मौजूद रहे।