बहुत ही परेशानी के साथ खुशी भी हुई

आगरा, उत्तर प्रदेश ( Agra, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) के संपादक जसवन्त सिंह निषाद की आप बीती रिपोर्ट, 21 नवम्बर 2018। आज मेरा मोबाइल आगरा की ट्रांस यमुना कालोनी में शाम के लगभग 8 बजे जेब से गिर गया था। और काफी तलास किया लेकिन नहीं मिला। तब मैंने अपने छोटे बेटे कमल सिंह निषाद को घर पर फोन किया और जारी घटना बटाई। मेरे फोन का जीपीआरएस ओपन रहता है। इसलिए मैंने बेटे को यह भी बताया। उसने तुरंत फोन का स्क्रीन लॉक कर दिया और अपने मोबाइल के जीपीआरएस को चालू करके फोन की लोकेशन देखी तो वह ट्रांस यमुना कालोनी के एक्सिस बैंक के एटीएम के पास बता रहा था।
     फोन जब गिरा तो मैं आगरा जनपद के ब्यूरो चीफ बाबा बालक दास जी के साथ था। बाबा के मोबाइल और बेटे के मोबाइल से बात और बेटी के मोबाइल से लोकेशन को ट्रैक करते रहे हम आपस में।
जब मोबाइल नहीं मिल रहा था, तो मैं पास ही स्थित पुलिस चौकी गया, लेकिन वहाँ मौजूद हेड कांस्टेबल ने मेरी कुछ भी नहीं सुनी। रोड पर फिर लौट कर आया तो सड़क पर लैपर्ड वाले 2 पुलिस वाले मिले। उन दोनों से कहा कि आप अपने मोबाइल से मेरे मोबाइल की लोकेश देखकर मेरी मदद कीजिये। लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं सुनी। बेटे बेटी बोले हम लगातार फोन मिलाकर उसकी वेल बजाते रहेंगे और आप रोड पर उसकी आवाज़ को सुनते हुए चलो। 5 कॉल करने के वाद हम आखिरकार मोबाइल तक पहुंच ही गए। रोड पर जहाँ मोबाइल फोन था उसके सामने एक फल विक्रेता ने बताया कि आप सामने बर्फ बेचने वाले के पास जाकर जानकारी कीजिए। शायद आपका मोबाइल उनके पास ही हो। जब मैं बर्फ वाले के पास पहुंचा तो वह वेल बन्द करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन स्क्रीन पासवर्ड के द्वारा ऑनलाइन लॉक हो जाने से वह उसे बंद नहीं कर पा रहा था। मैं और बाबा बालक दास निषाद जी जब बर्फ बेचने वाले के पास पहुंचे तो उसने कहा कि जब गिरा था तो मैंने देख लिया। वार्ना एक मोटर साइकिल वाला उसे उठाने लगा और अपना बताने लगा। तब मैंने उससे कहा कि अगर आपका है, तो इसके नम्बर पर रिंग कीजिए। तब उससे बचाया है। अगर आपका है तो इस पर कॉल कीजिए। हमने कॉल की तब वह संतुष्ट हुआ और हमारा मोबाइल लौटाया। हमने उस बर्फ विक्रेता को जो बघेल समाज का है, शुक्रिया अदा किया। और तब 1 घंटे बाद मन और दिल को तस्सली हुई।
टेक्नोलॉजी का और हमारे होनहार बीटेक 3 थर्ड ईयर स्टूडेंट जिसने एकलव्य मानव संदेश को ओनलाइन रूप में आप सभी तक पहुंचा कर अब तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है उसी कमल सिंह निषाद ने आज मोबाइल ढूंढने में बड़ी भूमिका निभाई है। लेकिन योगी की पुलिस ने कोई सहयोग नहीं किया।
   अब मैं बस से घर लौट रहा हूँ। और एक बजे तक रात्रि में घर पहुंचूंगा।
जसवन्त सिंह निषाद