शराब पीने से हुई निषाद की मौत के बाद ग्रमीणों ने शराब के ठेके में लगादी आग

,महेबा, कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश (Maheba, Kalpi, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव सन्देश (Eklavya Manav Sandesh), रिपोर्टर रामसनेही निषाद की रिपोर्ट, 8 नवम्बर 2018। जनपद जालौन की कालपी तहसील के  ब्लॉक महेबा के ग्राम देवकली के एक व्यक्ति की मौत शराब पीने से हो गयी। इस बजह से गाँव की औरतों ने हंगामा खडा कर दिया और शारब के ठेका में आग लगा दी। औरतों का कहना है कि गाँव में कोई ठेका नहीं होना चाहिये। क्योंकि उनके बच्चे व पति शारब पी कर घर में औरतो के साथ मार पीट करते हैं। इसलिये बच्चों का भविष्य भी खराब होता है।
लोगों का कहना है कि ग्राम देवकली से 5 किलोमीटर दूर ठेका होना चाहिये। उग्र महिलाओं की भीड़ को नियंत्रित्त करने के लिए पुलिस को काफी कठिनाईयों का करना पड़ा ।
      घटना क्रम के अनुसार कालपी कोतवाली क्षेत्र के देवकली गाँव में छोटे (25 वर्ष ) पुत्र लालजी निषाद ने मंगलवार की रात को गांव मे स्थित सरकारी देशी शराब के ठेके से शराब खरीदी जिसको पीने के कुछ देर बाद वह सो गया रात को छोटे ने दम तोड़ दिया। छोटे पानीपत में पानी पूड़ी का धंधा करता था और दीवाली पर घर आया हुआ था। उसकी मौत के बाद पहले तो परिजन व गांव वाले शांत रहे लेकिन अचानक महिलाओं की भीड़ एकत्रित हुई और गांव स्थित सरकारी शराब ठेके पर हमला बोलते हुये उक्त ठेके को आग के हवाले कर दिया। अपनी गुस्सा का इजहार करने के बाद मृतक को यमुना नदी के किनारे ले जा कर अंतिम संस्कार कर दिया।
    सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सुधाकर मिश्रा व हल्का इंचार्ज सर्वेश कुमार ने समझा कर उन्हें शांत कराया। बाद में महिलाओं ने कोतवाल को ज्ञापन दिया। जिसमें ठेका हटाने की माँग की गई थी। महिलाओं का कहना था कि गाँव में ठेका होने से उनके घर बर्बाद हो रहे हैं। कोतवाल ने उनका ज्ञापन जिलाधिकारी को अग्रसारित कर दिया।
गांव कि महिलाओं का आरोप है कि मौके पर पहुंचे कालपी शहर के हल्का इंचार्ज ने जैसे ही महिलाओं से अभद्र भाषा का प्रयोग किया वैसे ही महिलाओं का रौद्र रूप देख उक्त दरोगा रफुचक्कर हो गया। इसकी शिकायत महिलाओं तथा मौजूद लोगों ने दूरभाष के माध्यम से पुलिस कप्तान तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी कालपी से भी की।
     गांव के लोगों का कहना है कि देवकली गांव स्थित सरकारी देशी शराब के ठेके पर हरियाणा की कैमिकलयुक्त शराब की बिक्री की स्टीकर व मोनोग्राम बदलकर की जाती है। गांव के लोगों ने लगाया ठेका संचालक पर फर्जी मुकदमे की धमकी का आरोप भी लगाया है।
    गांव कि महिलाओं का कहना है कि देवकली गांव मे स्थित सरकारी देशी शराब का ठेका चौबीस घंटा खुला रहता है जिससे  सुबह से ही लोग दारू पीने लगते है और जब देर रात लोग अपने घर पहुंते है तो अपने बच्चो व पत्नी के साथ मारपीठ करने पर हावी हो जाते है।



गांव मे ठेका होने से युवा पीढ़ी पर पड़ रहा बुरा असर ~

गांव कि महिलाओं का कहना है कि गांव मे ठेका होने के कारण छोटे छोटे बच्चे भी शराब का सेवन करने लगे हैं, जो आपस में रुपये मिलाकर शराब का पऊवा लेकर छुपकर पीते हैं। 100 से अधिक बच्चे शराब के नशा के आदी हो गये हैं।