मोदी की उज्जवला योजना से मुँह मोड़ रहे हैं ग्रामीण लोग

 जुगैल, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश (Jugail, Sonbhadra, IttUt Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो चीफ राम विलास निषाद की रिपोर्ट 23 नवम्बर 2018। सोनभद्र जनपद में मोदी सरकार द्वारा चलाई गई उज्जवला योजना गरीबों के लिए बेकार साबित होने लगी है। अनुदान में मिले गैस सिलेंडर और चूल्हा सब घरों में जंग खा रहे हैं।
    मोदी सरकार द्वारा गरीब एव ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को जिस सुविधा के लिए उज्जवला योजनाएं चलाकर सभी लोगों को अनुदान में गैस- चूल्हा आदि बांटा गया था। वह अब गैस सिलेंडर के बढ़ते बेतहाशा दामों के कारण गरीब एवं ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबों के लिए बेकार साबित होने लगा है। फ्री में मिली हुई इस योजना का लाभ तो ग्रामीण के क्षेत्र 90 फ़ीसदी लोगों ने ले लिया, लेकिन दिन पर दिन गैस के बढ़ते बेतहाशा दामों के कारण एक दो, बार के बाद अधिकांश ग्रामीणों ने गैस भरवाना बंद कर दिया है। जिससे ग्रामीणों को मिले गैस सिलेंडर व चूल्हा, लोगों के घरों में एक कोने में जंग खा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने फिर वही अपनी पुरानी व्यवस्था, जंगलों से जलावनी लकड़ियों के सहारे भोजन बनाने का काम शुरू कर दिया है।
  गृहणी ममता, गीता, परवतिया, शीला देवी, मंजू, सविता, कौशिल्या, समेत दर्जनों ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि सरकार द्वारा तो शुरू में अनुदान में गैस दे दिया। लेकिन बाद में गैस के दामों में इतना अधिक वृद्धि कर दिया गया। कि हम गरीबों के लिये गैस लेना किसी मुश्किल से कम नहीं है। गरीब व ग्रामीण पैसे के अभाव में गैस नहीं ले पा रहे हैं। जिससे हम लोग फिर से वही जंगलो के जलावनी लकड़ी पर निर्भर हो गए है।