सुलतानपुर में लगभग पैंतालीस साल से चल रही बाधमण्डी की लड़ाई, निर्णायक मोड़ पर पहुँची

सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश (Sultanpur, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) रिपोर्टर राम सतन निषाद की रिपोर्ट, 11 दिसम्बर 2018। जनपद सुलतानपुर में 10 दिसम्बर 2018 को स्थानीय विधायक व सांसद निधि से बनकर तैयार हुई नवीन बधमण्डी का उद्दघाटन वर्तमान सांसद द्वारा हुआ। यह निषाद समाज के लिए गौरवमयी व एक ऐतिहासिक पल रहा और नवीन बाधमण्डी के उद्दघाटन से निषाद समाज में खुशी की लहर देखी गयी, जो काफी दर्शनीय था।
          जनपद में निषाद समाज द्वारा उच्च गुडवत्ता का बाध तैयार किया जाता है, जिसकी बाजार में काफी मांग है। बाध को बेचने के लिए शहर के शाहगंज चौराहे के पास पटरी पर बाधमण्डी लगती है। जहाँ काफी ट्रैफिक रहता है, जिससे बाध निर्माताओं को काफी परेशानी का सामना व आस पास के स्थायी दुकानदारों द्वारा काफी प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था।
      निषाद समाज का यह दुख दर्द सामाजिक चिंतको के द्वारा शासन प्रशासन के समक्ष एक अदद स्थायी बाधमण्डी की मांग उठाया जाता रहा और लगातार ज्ञापनों से शासन प्रशासन व जन प्रतिनिधियों तक समाज की आवाज पहुँची। जिस पर तत्कालीन विधायके की संस्तुति पर यहां के तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा पांचोपीरन कस्बे में इलाहाबाद फैजाबाद राजमार्ग किनारे सरकारी जमीन को बाध मंडी स्थल के लिए चिन्हित किया गया था। जिलाधिकारी की देखरेख में इसकी नाप जोख करने के बाद इस जमीन को प्रशासन द्वारा अधिग्रहित कर बांध मंडी के नाम कर दी गई। जिस पर 12 सितंबर 2016 को तत्कालीन विधायक की निधि से ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा टीन शेड का निर्माण कराया गया। उसी से 1 माह बाद 19 दिसंबर 2016 को सपा के राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने समारोह पूर्वक इस टीन शेड का लोकार्पण किया। उसी के कुछ माह पहले स्थानीय सांसद की प्रतिनिधि सिफारिश पर सांसद ने भी यहां पहुँच कर बांध मंडी गोदाम निर्माण के कार्य का शिलान्यास किया और अपनी निधि से इस कार्य के लिए 46.22 लाख रुपए भी दिए। गोदाम बनाने की जिम्मेदारी कार्यदाई संस्था समाज कल्याण निर्माण निगम को दी गई। कार्यदाई संस्था द्वारा 3 माह तक यहाँ कार्य कराया गया। लगभग आधा निर्माण हो भी चुका था। इसी बीच वन महकमे के उच्च अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद टूटी और बन रही बांध मंडी स्थल का कार्य अधिकारियों द्वारा यह कह कर रुकवा दिया गया कि यह जमीन वन विभाग की है और 17 जून से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप था। सवालों के घेरे में वन विभाग की भूमिका रही। क्योंकि 12 सितंबर 2016 को तत्कालीन विधायक द्वारा टीन शेड का शिलान्यास और तीन माह बाद 19 दिसंबर 2016 को टीन शेड का सपा राज्य सभा सांसद बिशम्भर प्रसाद निषाद द्वारा लोकार्पण, क्षेत्रीय सांसद द्वारा बांध मंडी गोदाम का शिलान्यास, सहित यहां 3 बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम स्थानीय जनप्रतिनिधियों अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित हुए, तब वन महकमा आगे नहीं आया। सवाल सबके मन में है कि यह सारे कार्यक्रम चोरी चुपके नहीं बल्कि समारोह पूर्वक हुए थे। यही नहीं इस मंडी निर्माण की पहल प्रशासन द्वारा हुई थी और जमीन की नाप जोख राजस्व एवं चकबंदी विभाग के आधा दर्जन लेखपाल व तहसीलदार, एसडीएम, सहित प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई थी।
    बाधमण्डी के कार्य में रुकावट देख निषाद समुदाय से जुड़े कई संगठनों ने भी इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए निराकरण ना होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। जिसके परिणाम स्वरूप, बांध मण्डी गोदाम बनने से आज पैंतालीस साल की लड़ाई मे निषाद समुदाय का एक बहुत बड़ा सपना पूर्ण हुआ।

Comments

हमारे प्रयास को अपना योगदान देकर और मजबूत करें

हमरी एंड्रॉइड ऐप मुफ्त में डाउनलोड करें

हमारे चैनल की मुफ्त में सदस्यता लें

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें

निषाद पार्टी न्यूज़

न्यूज़ वीडियो

निषाद इतिहास