सुल्तानपुर में निषादों ने बचाई नदी में आत्म हत्या के लिए गौमती में कूदी महिला की जान

सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश (Sultanpur, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) रिपोर्टर राम सतन निषाद की रिपोर्ट, 15 दिसम्बर 2018। सुल्तानपुर में निषादों ने बचाई गोमतीं नदी में आत्म हत्या के लिए कूदी महिला की जान। शुक्रवार, 14 दिसम्बर को जनपद सुलतानपुर में फैजाबाद मार्ग पर बने लगभग 150 फिट ऊँचे गोमती नदी के पुल से आत्म हत्या के इरादे से एक महिला ने नदी में छलांग लगादी, किन्तु तत्काल निषाद समाज के कुशल जांबाज तैराकों द्वारा सुरक्षा मिलने से जान बचा ली गयी।घटना समय 11 बजे की है, एक अज्ञात महिला ने पुल से नदी में देखते ही देखते छ्लांग लगा दी। राहगीरों व स्थानीय लोगों को एकत्रित होते देख, निषाद समाज के वरिष्ठ समाज सेवी व कुशल तैराक श्री रमेश निषाद व जिल्ले निषाद पहुँचे (जिनका गोमती नदी के पास ही बिल्डिंग मटेरियल का प्रतिष्ठान है) 
घटना स्थल से कुछ दूरी पर ही वीरू निषाद पुत्र अच्छेलाल निषाद (उम्र लगभग 14 वर्ष) निवासी मो. निजामपट्टी - ग्राम पंचायत कस्बा पांचोपीरन, सुलतानपुर, गोमतीं नदी में मत्स्य आखेट कर रहे थे, जिन्हें रमेश निषाद व प्रत्क्षदर्शियी ने बुलाया। तुरन्त वीरू निषाद जी पहुँचे और महिला को जीवित देख नदी की धारा को चीरते हुए, महिला के पास पहुँचे और अपनी जांबाजी व कुशल तैराकी कला से नदी में डूबती महिला की बचाई जान। महिला की पहचान अनिता यादव पत्नी अमरनाथ यादव (24) कटका बाजार सुलतानपुर के रूप में की गयी।
वीरू निषाद जी की बहादुरी व दिलेरी को देखते हुए प्रत्यक्षदर्शियों ने काफी सराहना की और कुछ समाज सेवी संगठनों व समाज सेवियो ने पुरस्कृत करने का वादा किया है और शासन से भी पुरस्कृत करने की मांग की जा रही है।
ऐसे हजारों जंबाज तैराक व कुशल गोताखोर निषाद समाज में मौजूद हैं, तैराकी तो निषाद समाज के खून में बसती है। पानी में डूबते हुए को हमेशा निषाद समाज ने बचाया है और लोगों को पार किया है। किन्तु शासन प्रशासन द्वारा कभी भी इस समाज को प्रोत्साहित नहीं किया गया।
आत्म हत्या के प्रयास के कारणों की पुष्टि खबर लिखे जाने तक नहीं हो सकी। परिवारिक कलह जैसी बजह ही प्रत्यक्षदर्शियों का मानना था। 
उपस्थित जन समुदाय द्वारा पुल की रेलिंग पर जाली लगाये जाने की मांग उठी।