पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन जय नारायण प्रसाद निषाद का हुआ दिल्ली के अस्पताल में निधन

नई दिल्ली (New Delhi), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 24 दिसम्बर 2018। पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन जय नारायण प्रसाद निषाद जी का दिल्ली के एक अस्पताल में आज सुबह 9 बजे निधन हो गया। कैप्टन साहब के निधन की सूचना उनके पुत्र और मुजफ्फरपुर के सांसद अजय निषाद ने दी, जिसके बाद शोक की लहर फैल गई।
      निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामना डॉ. संजय कुमार निषाद जी ने भी अपना शोक व्यक्त किया है। गोरखपुर के सांसद ईं. प्रवीण कुमार निषाद ने भी कैप्टन साहब के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
      एकलव्य मानव संदेश ने भी अपने सभी रिपोर्टरों और सहयोगियों की ओर से शोक व्यक्त किया है।
      कैप्टन जय नारायण प्रसाद निषाद वैशाली जिले के रहने वाले थे। वह मुजफ्फरपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ते थे। बीमारी के चलते कैप्टन निषाद ने 2014 में चुनाव लड़ने से मना कर दिया था, जिसके कारण भारतीय जनता पार्टी ने उनके बेटे अजय निषाद को मुजफ्फरपुर सीट से टिकट दिया था। अजय निषाद मुजफ्फरपुर से सांसद हैं। कैप्टन निषाद बीजेपी से पहले जदयू और आरजेडी में भी रहे थे। लंबे राजनीतिक करियर के दौरान वह कई बार सांसद और मंत्री बने।
      पूर्व केन्द्रीय मंत्री कैप्टन जय नारायण प्रसाद निषाद ने दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि 88 वर्ष के कैप्टन साहब लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज चल रहा था।
      कैप्टन निषाद जी के निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके पुत्र सांसद अजय निषाद ने बताया कि मंगलवार को उनका दाह संस्कार हाजीपुर में गंगा किनारे किया जाएगा। उनके निधन पर बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी सहित कई नेताओं ने शोक जताया है। मांझी ने कहा है कि उनके निधन से वंचित समाज को अपूरणीय क्षति हुई है.ये भी पढ़ें- 
      अप्रैल 2008 में भारत के उपराष्ट्रपति द्वारा विरोधी दलबदल कानून के तहत राज्यसभा के सदस्य के रूप में कैप्टन जय नारायण प्रसाद निषाद जी को अयोग्य घोषित किया गया था। उन्होंने कई बार राजनीतिक दलों को बदला है लेकिन एक ही सीट से पांच बार सांसद चुने गए थे। वे 1996 से 1998 के बीच केन्द्री की देवेगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल की सरकार में राज्य मंत्री रहे। उनके निधन पर अनेकों नेताओं और सामाजिक कार्यकर्तओं ने निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक जताया है।
     बिहार सरकार ने राजकीय शोक के साथ राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने की घोषणा की।