जानकी बाज़ी लगाकर नदी में जान देने वाले की बचाई निषादों ने जान

सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश (Sultanpur, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) रिपोर्टर राम सतन निषाद की रिपोर्ट, 25 दिसम्बर 2018। जानकी बाज़ी लगाकर नदी में जान देने वाले की बचाई निषादों ने जान। घटना सुल्तानपुर जनपद के फैजाबाद रोड पर बने गोमतीं नदी के पुल की है।
        24 दिसम्बर को दिन के 2 बजे एक युवक ने आत्महत्या के इरादे से गोमतीं नदी में छलांग लगा दी। पैर के बल सीधा गिरने से वह कुछ क्षण तक जीवित रहा। इसी बीच निषाद समाज के कुशल गोताखोर व जंबाज तैराक मिथुन निषाद पुत्र बंश राज निषाद वल्लीपुर, राधे पुत्र करिया निवासी वल्लीपुर, सूरज निषाद निवासी ग्राम भोये से, प्रत्यक्षदर्शियों ने युवक की जान बचाने का आग्रह किया। तत्काल तीनो युवकों ने नदी में छलांग लगाकर डूबते हुए युवक की जान बचाई।
     युवक की पहचान ओम प्रकाश यादव पुत्र राज कुमार यादव (26) वर्ष निवासी छरौली  बंधुआ कला के रूप में की गयी।
     गत 14 दिसम्बर 2018 को वीरू निषाद ने बचाई थी अनिता यादव पत्नी अमरनाथ यादव निवासी द्वारिकागंज कटका बाजार की जान। उन्होंने भी इसी गोमतीं पुल से नदी में छलांग लगाई थी।
    दस दिन के अंदर दो जिंदगियां बचाई निषाद समाज ने। किन्तु शासन व प्रशासन की तरफ से कुछ भी प्रोत्साहन व पुरुष्कार नहीं मिला। लोग सदियों से निषाद समाज का हक और अधिकार खा रहे हैं। इस समाज की याद लोगो को या तो वोट के समय या डूबते समय आती है और मतलब निकल जाने पर लोग भूल जाते हैं।
        24 दिसम्बर के केस में हद तो तब हो गई, जब मनुवादी मीडिया ने लिखा कि के.एन.आई. चौकी इंचार्ज रमेश सिंह ने अपने हमराहियों के साथ पहुँचकर बचाई युवक की जान। उत्तर प्रदेश में निर्दोष, एससी, एसटी, ओबीसी व माइनारिटी का एनकाउंटर करने वाली पुलिस बिना नदी में कूदे कैसे बचा सकती है ?? किसी डूबते हुए की जान ??
 सुलतानपुर की एक सामाजिक संस्था ने वीरता पुरस्कार के लिए, वीरू निषाद का नाम एक ज्ञापन के माध्य्म से शासन, प्रशासन व राष्ट्रपति को भेजने का निर्णय लिया है।