निषाद पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अहिंसा के पुजारी हैं, भाजपा के लोगों ने ही निषाद पार्टी को बदनाम करने के लिए की है हिंसा-डॉ. संजय कुमार निषाद

गाजीपुर, उत्तर प्रदेश (Gazipur, Uttar Pradesh) एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 29 दिसम्बर 2018। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामना डॉ. संजय कुमार निषाद ने अपने वक्तव्य में कहा है निषाद पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अहिंसा के पुजारी हैं, हिंसा योगी सरकार की साजिश है, भाजपा के लोगों ने ही निषाद पार्टी को बदनाम करने के लिए की है हिंसा।
     हमारे संवाददाता के अनुसार भाजपा के लोग ही तीन बजे के लगभग खुद ही शांति पूर्वक धरना दे रहे निषाद पार्टी के लोगों को फसाने के लिये धरना स्थल पर पहुंचे थे और खुद ही पथराव भी शुरू किया। कार्यक्रम की कवरेज कर रहे एकलव्य मानव संदेश के रिपोर्टर दुर्गविजय सहानी ने खुद घायल पुलिस कर्मी को उठा कर पानी छिड़क कर होश में लाने की कोशिश की थी। और बाद में सीनियर पुलिस कर्मी के को बुलाकर पुलिस की गाड़ी में बेहोशी की हालत में चढ़ाया था।
      पिछले 10 दिनों से निकाली जा रही निषाद एस.सी. आरक्षण हुंकार जन आक्रोश यात्रा को आज प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के नाम रोकना ही योगी आदित्यनाथ जी की सरकार की पहली विफलता का द्योतक है।
       निषादों को आरक्षण का वायदा करने वाले योगी आदित्यनाथ की सरकार आज लगभग पौने दो साल में पहले ही निषाद आरक्षण को खुद ही लागू नहीं कर रही है। योगी आदित्यनाथ जी के इस वायदा खिलाफी के विरोध में ही निषाद पार्टी जन आक्रोश यात्रा को शांति पूर्वक निकाल रही। इलाहाबाद, मिर्ज़ापुर, भदोही, सोनभद्र, जौनपुर, सुल्तानपुर, अम्बेडकर नगर के बाद आज यह यात्रा गाजीपुर पहुंची थी।

(निषाद पार्टी के आज के धरने की 44 मिनट की पूरी वीडियो आप नीचे दी गई लिंक को किलक करके देख सकते हैं
https://youtu.be/GzHzDTos4iQ)

      गाजीपुर में प्रधानमंत्री का कार्यक्रम था। जन आक्रोश में लगभग 1 घंटा से ज्यादा समय तक सड़क जाम रही। कोई उपद्रव निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नहीं किया। लेकिन जब प्रधानमंत्री की रैली खत्म हुई तो लौटते पुलिस कर्मियों ने निर्दोष निषादों के ऊपर बल प्रयोग किया। और इसी में एक पुलिस कर्मी की मौत होने की खबर टीवी चैनलों पर दिखाई जाने लगी। यह किसके इसारे पर किया गया। इस बात की न्यायिक जांच की जानी चाहिए।
      निषाद आरक्षण हुंकार जन आक्रोश यात्रा का समापन 3 जनवरी 2019 को गोरखपुर में समाप्त होगी। समापन समारोह में 5 लाख से ज्यादा निषादों के पहुंचने की संभावना है, जिससे योगी आदित्यनाथ जी की नाकामयाबी को जनता तक पहुंचने का मार्ग प्रसस्त होगा। इसलिए योगी जी नहीं चाहते हैं कि 3 जनवरी 2019 को लाखों लोग गोरखपुर पहुंच कर सरकार को हिलाएं। सरकार को इस बात का भी अहसास है कि कहीं 3 जानवरी को मुख्यमंत्री का घेराव निषाद पार्टी के समर्थक न करें। इसीलिए निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं के अंदर दहशत फैलाने के लिए एक षडयंत्र के तहत आज गाजीपुर में जाम खोलने के बाद प्रधानमंत्री की रैली से लौटते पुलिस कर्मियों ने निर्दोष निषादों के ऊपर बल प्रयोग किया। और हिंसा होने से एक पुलिस कर्मी की मौत हो गई।
हम मृतक पुलिस कर्मी की मौत पर अपनी पार्टी की और से संवेदना प्रकट करते हैं। और निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं से किसी बहकाबे में न आने की अपील भी करते हैं।