योगी राज का मतलब है, लेंगे सबका साथ और करेंगे केवल ठाकुरों का ही विकास-डॉ. संजय निषाद

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश (GorkhpGor, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 11 दिसम्बर 2018। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.संजय कुमार निषाद ने कहा है कि योगी राज का मतलब है, लेंगे सबका साथ और करेंगे केवल ठाकुरों का ही विकास।
    यूपी के 75 जिलों में 30 डीएम ठाकुर, 40 जिलों में 263 थानाध्यक्ष ठाकुर, दलित-पिछड़े, अल्पसंख्यक साफ। 2017 के यूपी चुनाव के दौरान भाजपा ने नारा उछाला था, सबका साथ, सबका विकास। भाजपा के इसे नारे से यूपी के कुशवाहा, पटेल, लोध, राजभर, निषाद, कुम्हार, लुहार, कहार, कलवार, सुनार, तेली, नाई, माली, सैनी, पासी, खटीक, धोबी, कोरी आदि दलित और पिछड़ी जातियों ने भरपूर भरोसा जताया था। विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट देकर प्रचंड जीत दिलाई थी। इन जातियों को पूरा भरोसा था कि भाजपा के सत्ता में आते ही दलितों–पिछड़ों को नौकरी और सत्ता में भागीदारी जरूर मिलेगी। लेकिन हो ये रहा है कि सबका साथ और सिर्फ ठाकुर-पंडित जी का ही विकास।
     उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार में हाथी के दांत खाने के और थे और दिखाने के और वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। सत्ता में आते ही यूपी की कार्यपालिका पर ब्राह्मणों-ठाकुरों का ही पूरा कब्जा हो गया। हालत ये हो गई कि भाजपा को वोट देकर सत्ता में लाने वाली पिछड़ी जातियों के अधिकारी ढूंढ़े नहीं मिल रहे हैं। अब पिछड़ी और दलित जातियों के अधिकारियों में भाजपा को लेकर गहरी निराशा है। कहां तो उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का गठन होने के बाद ‘भाजपा के मुख्य नारे सबका साथ सबका विकास की कल्पना प्रदेश में की जा रही थी, किन्तु हुआ उसका उल्टा। अब उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के स्वजातीय ठाकुरों और वर्चस्वशाली ब्राह्मणों का बर्चस्व तेजी से बढ़ रहा है। अपराध से लेकर गांव के थानों तक ठाकुरों का कब्ज़ा है।
     योगी नेतृत्व वाली सरकार ने अपने 3 माह के कार्यकाल में सूत्रानुसार 30 जिलो की कमान बतौर जिलधिकारी ठाकुरों को सौप दी, तो जिले के थानों की कमान अधिकतर ठाकुरों के हाथ में। उत्तर प्रदेश के 40 जिलों के करीब 801 थानों में 263 थानों पर ठाकुर इंचार्ज को नियुक्त किया गया। ये वो थाने हैं, जो सबसे ज्यादा कमाऊ माने जाते हैं। 40 जिलों के जिन 801 थानों की पड़ताल की गई है उसमें 60 थानों पर यादव और 17 थानों पर मुस्लिम इचार्ज हैं। वह भी 40 जिलों में से सिर्फ 14 जिलों में तैनात हैं। लखनऊ और बुलंदशहर में सबसे ज्यादा 15 ठाकुर थाना इंचार्ज हैं।
      आज कल पुलिस विभाग के अधिकतर पदों पर एक छत्र राज कर रहे ठाकुरों का अपराधियों पर नियंत्रण नहीं रह गया है। अपराध में बेतहाशा वृद्धि हुई है। डीजीपी ईमानदार हैं लेकिन असरदार साबित नहीं हो रहे हैं।

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