अर्जुन सिंह कश्यप को गाजीपुर काण्ड का मुख्य अभियुक्त बनाकर योगी सरकार ने 2500 का इनाम किया घोषित

गाजीपुर, उत्तर प्रदेश (Gazipur, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) रिपोर्टर दुर्गविजय सहानी की रिपोर्ट, 5 जनवरी 2019।
गाजीपुर में भीड़ द्वारा की गई कॉस्टेबल की हत्या का दोष निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लगाया जा रहा है। निषाद पर्टी के जुझारू और संघर्षशील नेता, निषाद पार्टी के प्रदेश महा सचिव अर्जुन सिंह कश्यप पर 25 हज़ार का इनाम भी योगी सरकार द्वारा घोषित किया गया है। जबकि टीवी चैनलों पर प्रसारित वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि भाजपा के कार्यकर्ता पुलिस संरक्षण में किसके इसारे पर, अपने साथियों की रिहाई के लिए धरना दे रहे निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पत्थर वर्षा रहे थे। क्या भाजपा के गुंडों की पुलिस और सत्ता के संरक्षण में की गई गुंडई को कोई दण्ड देने के लिए कार्यवाही योगी आदित्यनाथ की सरकार को नहीं करना चाहिए?? भाजपा की गुंडई माफ और अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए आंदोलन करने वालों पर पुलिसिया अत्याचार, क्या यही है भाजपा के आदित्यनाथ का निषाद आरक्षण को मांगने की वालों पर उपकार।
     उधर बिना कोई जांच किये निषाद युवा और औरातों पर अत्याचार कर रही है योगी आदित्यनाथ की पुलिस। जेल में ठूंसा जा रहा है। महिलाओं को तलासी के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। महिलाओं से पुलिस द्वारा छोड़ छाड़ की भी खबरें मिल रही हैं। घरों में तोड़फोड़ की सूचनाएं भी मिल रही हैं। घटना स्थल कठवां मोड़ के आस-पास स्थित चौरही, भांगलपुर, जल्लापुर, फरीदचक, फतेहपुर अटवां, बलुआ टप्पा कठऊत, गौसपुर, हरिहरपुर, बलुआं, अलावलपुर, रामपुर, साधोपुर, नगदीलपुर, नसीरपुर, बिन्दवलियां, बढईपुर, बहादुरपुर, शेरपुर, कालुपुर, लालूपुर, वच्छलपुर, सेमरा, सरैया, नवापुरा, इंद्रपुरा, बैकुंठपुर, ताड़ीघाट, युवराजपुर, पटकनियां आदि गांव के निर्दोष निषादों के घर दबिश के साथ साथ परिवारीजनों से अभद्र व्यवहार पुलिस द्वारा किया जा रहा है। कोतवाली ग़ाज़ीपुर व करण्डा थाना की पुलिस द्वारा बयेपुर, देवकली, माहेपुर, परमेठ, कुर्था, भटौली, जमलापुर, जैतपुरा, हुसैनपुर, सगरा, बिनपुरवा, आदर्श गांव, बबुरा-मदनहीँ, ढेलवा, तिलवईया, तोडरपुरा आदि निषाद बस्तियों में दहशत फैलाई जा रही है। और यह योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार द्वारा निषादों पर अघोषित अत्याचार है।
     कौन सी दुश्मनी निभा रहे हैं, योगी जी निषादों से?? जबकि लगातार 27 साल तक योगी जी व उनके गुरु को सांसद का चुनाव निषादों ने ही जिताया और लोकसभा में भारी बहुमत से मोदी सरकार निषादो ने बनाई और डेढ़ साल पहले हुए विधान सभा इलेक्शन में भी निषादों ने इतने वोट दिए बीजेपी को कि 325 सीटों के  प्रचंड बहुमत के साथ योगी सरकार बन गयी। ऐसा क्यों हुआ योगी जी, पता है ???
      वह इसलिए हुआ कि मोदीजी ने निषादो का नाम लेकर आरक्षण समस्या का समाधान करने को कहा। साथ ही योगी जी ने भी निषाद आरक्षण आंदोलन के मंच पर यह घोषणा की थी कि जब वो सत्ता में आये तो निषादो को उनका समवैधानिक अधिकार देंगे।
लेकिन आज आप क्या कर रहे हो योगी जी???
उंन्ही निषादो पर अत्याचार???
ध्यान रहे आज आप जिस राम के नाम पर और प्रयागराज  के नाम पर राम मंदिर और कुंभ की राजनीति कर रहे हो वो भी निषाद ही हैं। और जिस हनुमान की अपने जाती क़ई घोषणा की वो भी निषाद ही हैं।
आपकी पूरी राजनीति की जड़ निषाद है तो आप निषादों के साथ अन्याय व अत्याचार क्यों कर रहे हो ???
सवाल उठेगा तो जबाब निषाद भी देगा।
आरक्षण का समवैधानिक अधिकार तो निषाद लेकर ही रहेंगे और जैसा सवाल होगा वैसा जवाब भी देंगे।
चुनाव नजदीक है, फैसला जल्दी लेना होगा।