मोरंग घाट का उद्घाटन होते ही, नियमों के विरुद्ध काम होना हुआ शुरु

फतेहपुर, उत्तर प्रदेश (F
atehapur, Uttar Pradesh), की खबरें, एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रामबहादुर निषाद के द्वारा, 6 जनवरी 2019।
1. मोरंग घाट का उद्घाटन होते ही, नियमों के विरुद्ध काम होना हुआ शुरु।
    माँ कलिंदनी का सीना चीरने के लिए आधा दर्जन से अधिक पोकलैंड मशीन करने के लिए काम, मोरमघाट के नियमो के विरुद्ध शुरू हुआ काम।
    फतेहपुर जनपद के असोथर कस्बे के ग्राम सभा रामनगर कौहन में मेमर्स इंदौर प्रापर्टी प्राइवेट लिमिटेड, तेजेन्द्र पाल सिंह पुत्र सुचा सिंह, गाटा संख्या 36 एंव 5 मि. ग्राम रामनगर कौहन में अभी मोरम घाट का उद्घाटन  हुआ ही है, लेकिन पोकलैंड मशीनों का जमघट लग चुका है। मशीने बिल्कुल माँ कलिंदनी का सीना चीरने को तैयार खड़ी हैं। मशीने तो खड़े ऐसे इंतज़ार कर रही हैं, जैसे ही मोरम घाट का उद्घाटन हुआ नहीं, तो माता कलिंदनी की कोख को छल्ली कर दिया जाए।
     मोरम घाट के ठेकेदार खुद को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सगे भाई बताते हैं। मोरम घाट के लिए जिन किसानों के खेतों से रास्ता बना है, उनको अभी तक पुर्ण रूप से पैसा नहीं प्रदान कर रहे हैं।
समय बदला, कानून बदला, कानून के संवाहक बदले, पर नहीं बदला तो, सूबे में होने  वाला अवैध खनन, शायद होना असंभव भी है। पर्यावरण व वन विभाग की ओर दिए गए आदेश में पोकलैंड मशीनों से खनन करने को कही नहीं दर्शाया गया है। हालांकि मैनुअल खनन का आदेश है और अर्ध यांत्रिक (सेमी-मैकेनाइज्ड) मशीनों का प्रयोग, मजदूरों के साथ ही किया जाएगा।
   सूबे में सुशासन का दम्भ भरने वाली योगी सरकार, नदियों के संरक्षण पर कितनी संवेदनशील है, इसकी झलक यूपी की सड़कों पर फर्राटा भरते ओवरलोड वाहन व कालंदी तीरे होने वाले खनन की हकीकत देखने से पता चलती है। जहां नदियों की कोख पोकलैण्ड मशीनो द्वारा चीरी जा रही है।
    पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों के धुर आलोचक, योगी जी की नीतियों में भी खनन को लेकर कोई खास परिवर्तन नहीं दीख रहा है। मीडिया प्रेस कान्फ्रेंस में कैमरे के सामने बैठकर मुख्यमंत्री जितने आत्मविश्वास से लबरेज होकर अवैध खनन पर कोई ढील न दिए जाने का दम्भ भरते दिखायी देते हैं, वाकई में धरातल पर उसकी सच्चाई उनके व्याख्यानों से कोसों दूर नजर आती है। ऐसा ही नज़ारा जनपद फतेहपुर के मौरंग घाटों पर दिखने को मिलेगा। जिसे देखकर सुशासन व रामराज्य की उम्मीद लगाए बैठी जनता मायूस होती नजर आती है।
     जनपद के ही रामनगर कौहन घाट का अभी उद्घाटन हुआ कि वहां खनन में प्रयोग की जाने वाली पोकलैण्ड मशीनों का जमघट लग गया है। लेकिन सरवर न होने के कारण लोडिंग  सुरु नहीं हुई है। जहाँ पर पोकलैंड मशीनें माँ कलिंदनी का सीना चीरने के लिए बिल्कुल तैयार खड़ी हैं। मशीनों से नदियों का सीना छल्ली करना, नदियों के भूगोल बदलने के साथ उनको इतिहास बनाने का कार्य कर सकता है।
        देश के प्रधान गंगापुत्र हों या सूबे के महंत मुख्यमंत्री, अगर समय रहते इस पर ना चेता गया तो अवश्य ही 2019 में जनता चेतने पर मजबूर हो जाएगी। जँहा सिर्फ गरीब मजदुरों और बेसहारों के पेट में लात मार रही है। तो इस भाजपा सरकार में बनाये गए सारे नियम उनके ही पार्टी के दिग्गज नेता जो लग्जरी गाड़ियों से चलते हैं और अवैध तरीके के असलाह लेकर खनन तक पहुचते हैं। और खुद को मुख्यमंत्री के भाई बताते हैं, तो कहीं रिस्तेदार व कहीं उनके करीबी बता कर अपनी रौब जमाते हैं।


2.बिना सफाई के ही बड़ी लापरवाही से नहर में छोड़ा पानी, किसानों में रोष।
जिले के ऐरायां विकास खंड क्षेत्र के सबसे बड़ी व चर्चित नहर राम गंगा नहर की साफ सफाई न करने और उसमें पानी छोड़ने के चलते किसानों ने जिम्मेदारों के प्रति रोष प्रकट किया। किसानों ने नहर की साफ सफाई कराने बाद ही पानी छोड़ने की मांग की, पिछले कई चार या पांच सालों पहले नहर की सफाई हुई, मगर इसके बाद कोई सफाई नहीं हुई और सिंचाई विभाग ने उसमें पानी छोड़ दिया, जिससे इस बार उन्हें साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है सरकार को चाहिए था कि नहर की अच्छी तरह से साफ सफाई करवाती, मगर इस बार ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला है। नहर में बिना सफाई के ही पानी छोड़ दिया गया है। नहर में पानी के बावजूद गंदगी साफ नजर आती है, इसलिए पानी आगे नहीं पहुंच पा रहा है।
 क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि राज्य में कोई भी सरकार आए मगर किसानों के प्रति उसका रुख ठीक नहीं रहा है। कभी नहरों में पानी नहीं मिलता है तो, कभी कृषि से जुड़ी अन्य चीजें नहीं मिलती हैं। यही कारण है कि आज किसान खेती से मुंह मोड़ रहे हैं। और फसल में अच्छी पैदावार व सही मूल्य न मिलने परेसान हैं।

3. शादी टूटने पर युवती ने लगाई फाँसी
                                कानपुर महाराजपुर थाना क्षेत्र के डोमनपुर गांव के मजरा दिबियापुर में राधेश्याम निषाद की 20 वर्षीय पुत्री शीलू निषाद ने शादी टूट जाने के कारण फाँसी लगा ली। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुची महाराजपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

4. चित्रकूट से लौटते समय यमुना नदी में डूबकर एक किसान की रहस्यमई ढंग से हुई मौत।
    फतेहपुर जनपद के किशनपुर थाना क्षेत्र के संगोली पुर मजरा गढ़ा में, मुरली निषाद पुत्र राम मनोहर अपने साथी बुद्ध विलास और राजेश के साथ यमुना पार कर चित्रकूट गया था परंतु वापसी आते समय मुरली यमुना में डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई।  मुरली की पत्नी जहरी का आरोप है कि राजेश और बुद्ध विलास ने मेरे पति को नाव से फेंक दिया है, जिससे मेरे पति की मौत हो गई है। क्योंकि मेरे पति तैरना जानते थे, अगर डूबते तो, तैर सकते थे।
   किशनपुर थाना अध्यक्ष हेमराज सरोज ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध आरोपियों से पूछताछ कर के एवं नविको द्वारा लाश को ढूंढ निकाला।

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