पुतले को तीन गोली मारकर एक बार फिर की की गई गाँधी जी की हत्या।

अलीगढ़, उत्तर प्रदेश (Aligarh, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Aligarh, Uttar Pradesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 1 फरवरी 2019। अलीगढ़ शहर में गांधी जी के पुतले को तीन गोली मारकर एक बार फिर की की गई गाँधी जी की हत्या। उत्तर प्रदेश के अलीगढ शहर में बुधवार को अखिल भारतीय हिंदू महासभा के सदस्यों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 71 वीं पूण्यतिथि पर उनकी हत्या का जश्न उनके पुतले को गोली मारकर मनाया।
   महात्मा गांधी की पूण्यतिथि पर 30 जनवरी 2019 को हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने उनकी हत्या के सीन को दोहराते हुए गाँधी जी के पुतले को पहले गोली मारी और फिर उसका दहन किया।
    इस दौरान हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने नाथू राम गोडसे अमर रहे, के नारे भी लगाए।
    अखिल भारतीय हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा शकुन पांडे और अन्य कार्यकर्ताओं ने आज महात्मा गांधी की हत्या का जश्न मनाया। इस दौरान गांधी के पुतले को गोली मारी गई फिर उसे जलाया गया। हिंदू महासभा ने गांधी के बलिदान दिवस को शौर्य दिवस के रूप में मनाया। इस मौके पर गांधी के हत्यारे को हिंदू महासभा ने सच्चा हिंदूवादी बताते हुए महात्मा की उपाधि तक दे डाली। पूजा शकुन पांडे पहले भी विवादों में रही हैं। पिछले साल उन्होंने खुद को हिंदू कोर्ट का जज भी नियुक्त किया था।
     30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली के बिड़ला हाउस के परिसर में महात्मा गांधी की हत्या की गई थी। बापू की हत्या के मामले में नाथूराम गोडसे सहित 8 लोगों को साजिश में आरोपी बनाया गया था। मामले में 5 अभियुक्तों में से तीन- गोपाल गोडसे, मदनलाल पाहवा और विष्णु रामकृष्ण करकरे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, जबकि दो- नाथूराम गोडसे व नारायण आप्टे को फांसी दी गई। 15 नवम्बर 1949 को गोडसे और आप्टे को अम्बाला जेल में फांसी दे दी गई थी।
    हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा शकुन पांडे ने एक नकली बंदूक का इस्तेमाल करके गांधी के पुतले को गोली मारी और पुतले से 'खून' भी बहाया गया। इसके अलावा उन्होंने गोडसे को माला पहनाई और गांधी की हत्या की याद में मिठाई भी बांटी।