मां ने तीन वर्षीय मासूम को नदी में फेंका, जान की बाजी लगाकर निषाद युवक ने बचाई जान

जौनपुर, उत्तर प्रदेश (Jaunpur, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) संवाददाता की रिपोर्ट, 1 फरवरी 2019। मां ने तीन वर्षीय मासूम को नदी में फेंका, जान की बाजी लगाकर निषाद युवक ने बचाई जान।
     जौनपुर जनपद में एक मां ने अपने तीन वर्षीय जिगर के टुकड़े को शास्त्री पुल से गोमती नदी में फेंक दिया। एक निषाद युवक, किसन निषाद ने अपने जान की बाजी लगा बीचधार में से किसी तरह उसे बाहर निकाला। मौत को मात देने वाले मासूम को अस्पताल में इलाज के बाद छुट्टी मिल गई है। बताया जा रहा है कि पारिवारिक कलह से क्षुब्ध होकर महिला ने यह कदम उठाया। गुरुवार दोपहर तकरीबन दो बजे कोतवाली क्षेत्र के बलुआघाट की रहने वाली गुड़िया देवी अपने तीन वर्षीय बेटे नमन को नदी में फेंक भाग गई। यह नजारा देख आस-पास के लोगों का दिल दहल उठा। लोगों की चिल्लाने की आवाज सुन किशन निषाद ने भी नदी में छलांग लगा दी। अपनी जिन्दगी को दांव पर लगा किशन ने मासूम को बचा लिया। इसके थोड़े ही देर बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। बच्चे को बाहर निकल फौरन उसे अस्पताल ले जाया गया। कुछ देर चले इलाज के बाद बच्चे को उसके घर पहुंचा गया। बच्चे का जिन्दा बचना डॉक्टर भी किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।
     पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर घरवाले महिला को मानसिक रूप से कमजोर बता रहे हैं। हालांकि सच्चाई कुछ और है। बताया जा रहा है कि पारिवारिक कलह से परेशान होकर महिला ने यह उठाया है। उधर, अपनी जान की परवाह किए बगैर मासूम को बचाने वाले युवक को स्थानीय लोगों ने सम्मानित करने की मांग की है। इस मामले की जानकारी जिसे भी मिली वह चौंक उठा। लोग बच्चे का कुशलक्षेम जानने के लिए अस्पताल भी पहुंचे तो कुछ लोग मां को भी कोसते रहे। इस घटना को लेकर पूरे इलाके में दिन भर चर्चा होती रही।


दूसरी घटना में एक एक किशोरी ने नदी में लगाई छलांग

एकलव्य मानव संदेश संवाददाता के अनुसार जौनपुर में ही 17 वर्षीय दरक्शा पुत्री एजाज हुसैन ने बुधवार रात 9:30 बजे शाही पुल स्थित गोमती नदी में छलांग लगा दी। गोपीघाट पर बैठे नाविक रमेश निषाद समेत अन्य निषादों ने नदी में कूदी किशोरी को किसी तरह बाहर निकाला। मौके पर राहगीर भी जमा हो गए। होश आने पर स्थानीय लोगों ने घर पर पिता को मोबाइल पर सूचना दी। मौके पर पहुंचे पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसकी हालत खतरे से बाहर है।