फतेहपुर में पानी को तरसता राजबाह, योगी सरकार को है कुम्भ की चिंता

जहानाबाद, फ़तेहपुर, उत्तर प्रदेश (Jahanabad, Fatehpur, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklav Manav Sandesh) ब्यूरो रामबहादुर निषाद की रिपोर्ट, 29 जनवरी 2019। फतेहपुर में पानी को तरसता राजबाह, योगी सरकार को है कुम्भ की चिंता। वर्तमान सरकार में रजबहा बम्बा में नही आ सका पानी। नहर के अंदर तैयार खड़ा है जंगल। वर्तमान भाजपा की योगी आदित्यनाथ जी की सरकार के जिम्मेवार लोगों के किसानों के प्रति निकले वायदे झूठे।
   फ़तेहपुर जिले की विधानसभा जहानाबाद में कानपुर जिले से कस्बा जहानाबाद से होते हुए घाटमपुर राजबाह (बम्बा नहर) निकला है, जो जिले के कृषि बाहुल्य क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस क्षेत्र की लगभग सारी जमीन उपजाऊ है, जो इस बम्बा के पानी से सिंचित होती थी।
      पिछले कई दशक वर्षों से इस बम्बा (नहर) के साथ-साथ इसके सिंचित कृषि क्षेत्र में आने वाले किसान बम्बे में पानी बहाव के लिए तरश रहे हैं। पानी न आने से नहर के अगल-बगल के ग्रामीण इलाकों में वॉटर लेवल बहुत डाउन हो चुका है। जिससे पानी पीने वाले हैंडपंपो के साथ ट्यूबवेल भी धड़ाम हो रहे हैं। जिसमें ग्रामीणों और किसानों में तरह-तरह की बातें होती दिखाई दे रही हैं। कहीं-कहीं खड़े लोगों के झुंड में यह सुनने को भी मिलता है कि वर्तमान सरकार से पहले के विधायक के कठिन परिश्रम से कभी-कभी बाम्बे में पानी आ जाने से गेंहू व धान की फसलों के समय पानी देखने के साथ साथ सिचाई भी हो जाती थी। परन्तु इस सरकार में तो पानी इस रजबहा घाटमपुर नहर में दिखाई ही नहीं दे रहा है, तो सिचाई बम्बा के पानी से कहाँ हो सकती है। वाटर लेवल डाउन होने से ट्यूबवेल पर पाइप पर डालना पड़ता है, तब ट्यूबवेल पानी दे रहे हैं। लेकिन फिर भी वह मजेदार पानी नहीं देते हैं।
     चुनाव के दौरान जो भी सांसद या विधायक आया वोट पाने की इच्छा से तरह तरह वायदों के साथ बम्बा घाटमपुर राजबाह के इस नहर में पानी भी हमेशा बहाने की बात हर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों से कही। लेकिन धीरे-धीरे सांसद जी के कार्यकाल के पूरे पांच वर्ष खत्म होने पर आ गए और विधायक जी का भी कार्यकाल लगभग आधे से अधिक समाप्त होने जा रहा है जबकि विधायक पद के साथ राज्य मंत्री का भी ओहदा प्राप्त है। जिले की सांसद साध्वी निरंजन ज्योति सांसद पद के साथ केंद्रीय मंत्री पद पर विराजमान होने पर भी भगवान रूपी किसानों का दर्द नहीं समझ रहे हैं। जबकि बीच-बीच में पार्टी के कार्यकर्ताओं व किसानों द्वारा इस राजबाह नहर में पानी लाने व बहाव से संबंधित प्रार्थना एवं आग्रह भी करते हैं और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व प्रिंट मीडिया के जरिए भी जानकारी मिलती रहती हैं। लेकिन वर्तमान सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा प्रार्थना व संदेश का कुछ अशर नहीं समझ में आ रहा है। यह भी अन्य वायदों के तरह ही खोखले समझ आ रहे हैं। आगामी लोकसभा चुनाव मार्च 2019 में होने हैं तो वर्तमान सरकार के प्रतिनिधि व जिम्मेवारी लेने वाले पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारी गण इस घाटमपुर राजबाह नहर में पानी के बहाव से सम्बंधित मतदाताओं व किसानों को कैसे संतुष्ट करेंगे। जो वर्तमान एवं अन्य पार्टियों के प्रति एक कड़ा सवाल है। क्योंकि किसान वैसे भी अपनी फसलों के दामों व अन्ना पशुओं परेशान है। जैसे तैसे करके टयूबवेलों के पानी की मदद से फसल तैयार कर हैं। लेकिन कब तक ऐसे ही किसान बेवकूफ बन-बनकर झेलेंगे। 

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