मझबार, तुरैहा आरक्षण पर बनी सहमति, सम्पूर्ण निषाद वंशियों को मिलेगा लाभ, कैसे अप्लाई करें प्रमाण पत्र बनबाने के लिए, पढ़ें इस खबर में

लखनऊ, उत्तर प्रदेश (Lucknow, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 29 मार्च 2019। मझबार, तुरैहा आरक्षण पर बनी सहमति से सम्पूर्ण निषाद वंशियों को मिलेगा लाभ, कैसे अप्लाई करें प्रमाण पत्र बनबाने के लिए, पढ़ें इस खबर में।
     निषाद पार्टी ने बसपा द्वारा निषाद आरक्षण पर रोड़ा अटकाने की कोशिश के बीच सम्पूर्ण निषाद मछुआरा समाज के भलाई को ध्यान में रखते हुए सपा बसपा गठबंधन से नाता तोड़ दिया है। अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र कई जिलों में जारी भी होने लगे हैं।
निषाद पार्टी हमेशा समाज के भले के लिए और आरक्षण के ही पहले कार्य करने के लिए तत्पर रहती है। उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री के साथ निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामना डॉ. संजय कुमार निषाद जी से मझबार और तुरैहा के प्रमाण पत्र जारी कराने पर सहमति बनने पर ही भाजपा के साथ अपने चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने की सहमति बनी है।
     उत्तर प्रदेश सरकार ने 22 दिसम्बर 2016 और 31 दिसंबर 2016 के साशनदेशों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों के कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, धीवर, बिन्द, धीमर, बाथम, तुरहा, गोडिया, मांझी, मछुआ, भर, राजभर कुम्हार, प्रजापति जाति के लोग अपने अपने अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र के लिए आदेश जारी किया था।
इस आदेस के विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे हुआ था, जो 29 मार्च 2017 को इस निर्देश के साथ हटाया गया था कि इन शासनादेशों के आधार पर जो प्रमाण पत्र निर्गत किये जायेंगे वे रिट याचिका के निबटारे के ऊपर निभर करेंगे।
   इस लिए अब आप उत्तर प्रदेश के सभी कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, धीवर, बिन्द, धीमर, बाथम, तुरहा, गोडिया, मांझी, मछुआ, भर, राजभर, कुम्हार, प्रजापति जातियों के लोगों को चाहिए कि तुरंत अपने अपने जिले में जन सेवा केन्द्र के माध्यम से अपनी अपनी मूल जाति (मझबार, तुरैहा, गोंड़, बेलदार, खरबार, खोरोट, कोल, पासी, तरमाली, शिल्पकार में से जो भी आपकी मूल जाति हो) के प्रमाण पत्र अनुसूचित जाति के बनबाने के लिए तुरंत आवेदन करें।
     याद रखें-
जब आप जन सेवा केन्द्र के माध्यम से अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करें तो जाती के कालम में अनुसूचित जाति और उप जाती के कालम में मझबार या तुरैहा लिखें (कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, धीवर, बिन्द, धीमर, बाथम, तुरहा, गोडिया, मांझी, मछुआ आदि नहीं)
   कई जिलों में यह प्रमाण पत्र बनना प्रारम्भ भी हो गया है।
    आप निम्न शाशनादेश और इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय की फ़ोटो कापी भी अपने आवेदन के साथ लगा सकते हैं।


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