ब्रेकिंग न्यूज़-17 जातियों के अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र तुरंत जारी कराये सरकार-प्रयागराज/इलाहाबाद हाईकोर्ट

प्रयागराज / इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश (Prayagraj / Alahabad, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो रिपोर्ट, 3 मई 2019। ब्रेकिंग न्यूज़-17 जातियों के अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र तुरंत जारी कराये सरकार-प्रयागराज/इलाहाबाद हाईकोर्ट।
    कोर्ट ने आज फिर 17 जातियों (जातियां हैं- निषाद, बिन्द, मल्लाह, केवट, कश्यप, भर, धीवर, बाथम, मछुआरा, प्रजापति, राजभर, कहार, कुम्हार, धीमर, मांझी, तुरहा और गौड़) को अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट जारी करने वाली याचिका पर आदेश करते हुए सर्टिफिकेट जारी करने को बोला है और स्टैंडिंग कॉउंसिल (सरकारी वकील) को बोला है कि आप तहसीलदार से बात करके सर्टिफिकेट जारी करने को बोलिये और अगर इस बार तहसीलदार सर्टिफिकेट जारी ननहीं करता है तो ये कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की श्रेणी में आएगा और अगर इस बार तहसीलदार ने बहाना किया तो इस बार अवश्य कार्यवाही हो जाएगी।
     कोर्ट ने ओरली स्टैंडिंग कॉउंसिल को बोला है कि आप तहसीलदार और शासन को शासनादेश और कोर्ट आदेश के पालन के लिए निर्देश दें।
       इस बार बेंच में पंकज भाटिया जी थे, जो 11 फरबरी वाले आदेश में भी बेंच में थे। आज सबसे अच्छी बात ये रही कि हमारे वकील से ज्यादा तो आज जस्टिस पंकज भाटिया जी ने ही आर्ग्यूमेंट्स किये और सरकारी वकील को निरुत्तर कर दिया । हमारी याचिका मिसलेनियस थी तो इसका लाभ सभी को मिलेगा।

   
माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज 3 मई को वृजेन्द्र कश्यप, जनपद कासगंज की ओर से दी गई याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए हैं। यह सूचना वृजेन्द्र कश्यप ने ही व्हाट्सएप से शेयर की है। विस्तृत जानकारी ऑर्डर आने के बाद ही पता चलेगी।
    ज्ञात हो इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 29 मार्च 2017 को अपने एक आदेश से 17 जातियों के आरक्षण के 22 दिसम्बर 26 के शासनादेश पर लगी रोक हटा दी थी और सरकार को आदेश दिया था कि जो भी प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे वे याचिका के निपटारे तक कोर्ट के अधीन रहेंगे। लेकिन उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने आज तक इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया है। 8 फरवरी को  वृजेन्द्र कश्यप की याचिका पर सुनवाई के बाद भी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जल्दी से 17 जातियों के अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आदेश जारी किए, लेकिन आज तक फिर भी उत्तर प्रदेश सरकार कोई कदम नहीं उठा पाई है।
     इलाहाबाद हाईकोर्ट के बार बार प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश को लागू नहीं करने के आदेश से तो यही प्रतीत होता है कि योगी आदित्यनाथ जी की सरकार 17 जातियों को उनके संवैधानिक अधिकारों से दूर ही रखना चाह रही है। और इन जातियों को अनुसूचित जाति की जगह पिछड़े वर्ग के बंटवारे को लागू करने की ताक में है।
       निषाद पार्टी ने लगातार निषाद वंशीय सभी जातियों को आरक्षण दिलाने और इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए आंदोलन, रेल रोको आंदोलन, धरना प्रदर्शन किये। सैकड़ों लोगों को जेल जाना पड़ा,

मुकद्दमों में हज़ारों लोगों को फंसाया गया, अखिलेश निषाद की रेल रोको आंदोलन में 7 जून 2015 को कसरबल में अखिलेश यादव सरकार द्वारा चलवाई गई पुलिस की गोली से जान गई, राष्ट्रीय अध्यक्ष महामना डॉ. संजय कुमार निषाद जी के 6 माह छुप छुप कर जीने के बाद 1 माह जेल में रहना पड़ा। गाजीपुर काण्ड के बाद पुलिस अत्याचार के गिरफ्तार एक व्यक्ति की जेल में ही मौत हो गई। अर्जुन कश्यप को गाजीपुर काण्ड का बड़ा अपराधी बनाकर पेश किया गया और उनको भी जेल जाना पड़ा और अब 2 मई को उनकी रिहाई हुई है।