ऑनलाइन मझबार, तुरैहा, गोंड़ के प्रमाण पत्र के आवेदन के लिए जानने योग्य जरूरी बातें

अलीगढ़, उत्तर प्रदेश (Gorakhpur, Uttar Pradesh), एकलव्य मानव संदेश (Eklavya Manav Sandesh) ब्यूरो रिपोर्ट, 16 जून 2019। निषाद वंस की सभी जातियों के व्यक्ति अगर आप अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र चाहते हैं तो ये काम जरूर कीजिए।
     क्योंकि अक्सर देखा गया है कि जब आपकी पहचान आपकी मूल जाति से हो तो आपका प्रमाण पत्र बनाना भी आसान हो जाता है। आपके घर पर लगे बोर्ड से इलाके में आपकी पहचान ज्यादा आसान हो जाती है। आज जब आप अनुसूचित जाति मझबार, तुरैहा या गोंड़ के प्रमाण पत्र बनबाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करते हैं तो जब लेखपाल के द्वारा जांच की जाती है तो आपके घर पर या किसी लिखे हुए साक्षय का अभाव रहता है। इसलिए के लिए ही शासन से मांग की गई थी कि कश्यप, मल्लाह, बिन्द, केवट, धींवर, धींमर, बाथम, रायकवार, मेहरा, निषाद, सहानी आदि के अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र के लिए निषाद पार्टी के समझौते के अनुसार सरकार के सहयोग से शासनादेश को लागू कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट सहित सभी मोर्चों पर निषाद पार्टी के माध्यम से कार्य को अंजाम दिया जाए, तो आपको भी अपने अपने घरों पर निम्न प्रकार से अपना नाम जरूर लिखकर सहयोग करना चाहिए। अगर आप अपने ही घर पर अपना नाम नीचे दिए गए निर्देश के अनुसार नहीं कर सकते हैं तो फिर आपका सहयोग दुनिया में कोई भी नहीं कर सकता है।







जब अपने प्रमाण पत्र के लिए जन सेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें तो अपनी जाति के कॉमल में अनुसूचित जाति लिखें और उप जाती के कॉमल में अपनी मूल जाति मझबार, तुरैहा, गौंड ही लिखें, अन्य कुछ भी नहीं। जैसे नीचे एक ऑनलाइन आवेदन की कॉपी लगी हुई है।

आवेदन के समय प्रार्थी का आधार कार्ड, एक फोटो, स्वघोषणा पत्र और जाति के प्रूफ के लिए शासनादेश की प्रति लगा सकते हैं। 
जब आपकी लेखपाल द्वारा जांच की जाय तो उससे कहो कि अगर आपको और सबूत चाहिए तो 2 लोगों के एफिडेविट भी ले ले, जो प्रार्थी को बनाबाकर जमा करने पड़ सकते हैं। लेखपाल को कहो कि अगर सही सबूत ही होते तो शासनादेश कराने की जरूरत ही नहीं होती।