जेएनयू हिंसा
मुद्दा चाहे कुछ भी हो असली साजिस तो गरीबो के बच्चो को वहां पढ़ने से रोकना है इसीलिए पिछले दो सालों में जेएनयू में डर और आतंक का माहौल तैयार किया जा रहा है ताकि किसी रिक्शा वाले, ठेले वाले, कल कारखानो में काम करने वाले का, घरों में बर्तन मांजने वाली का, खेतिहर मजदूर का, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले छोटे मोटे काम से मेहनत मजदूरी करने वाले का, बेटा या बेटी उत्तर प्रदेश, बिहार, सहित भारत के तमाम पिछड़े गावों, देहातों से आकर मास्टर, डॉक्टर, बेरिस्टर, इंजीनियर आदि न बन जाएं। राष्ट्रवाद तो एक बहाना है, जिसकी आड़ लेकर कुछ लोग साजिश को अंजाम दे रहे हैं। कहीं न कहीं कुछ लोग आजादी टुकड़े टुकड़े गैंग ओर राष्ट्रवाद के खिलाप नारे लगा रहे हैं तो, वहीं कुछ लोग जेएनयू में हिंसा फैला रहे हैं। अमीर बाप की कुछ औलादें जिन्हें देश में सस्ती लोकप्रियता चाहिए, देश विरोधी नारे लगाते इन्ही अमीर बाप की औलादें हाथ मे iphone लेकर दंगा भी करते हैं। यह एक बहुत बड़ी साजिश है, गरीबो के खिलाफ़, पूंजीवाद, जातिवाद को बढ़ावा देने वाले लोग कभी नहीं चाहेंगे कि एक गरीब मजदूर के बेटे अधिकारी बनकर उनकी बराबरी करें। कुछ बन्दे को आई टी आई और पॉलिटेक्निक का इंट्रेस एग्जाम तो पास नहीं कर पाते हैं वे लोग उन सगठनों ओर लोगों के बहकावे में आकर जेएनयू पर उंगली उठा रहे हैं। जिन संगठनों और लोगों के मकसद ही अति पिछड़े ओर दलितों को एक होने और आगे बढ़ने रोकना है, वही लोग जातीय हिसाब से हमारे साथ भेदभाव करते हैं।
(सभी ST, SC, OBC के व्यक्तियों को यह वीडियो एक जरूर देखनी चाहिए https://youtu.be/mfGvJ4nDooY)